वोडाफोन, एयरटेल और आइडिया को झटका, ट्राई ने तीनों पर 3050 करोड़ का जुर्माना लगाने की सिफारिश की

वोडाफोन, एयरटेल और आइडिया को झटका, ट्राई ने तीनों पर 3050 करोड़ का जुर्माना लगाने की सिफारिश की

दिल्ली

दूरसंचार रेग्युलेटर ट्राई ने टेलीकॉम मंत्रालय ने एयरटेल, वोडाफोन पर और आइडिया पर 3050 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. रिलायंस जियो ने इन सभी कंपनियों के खिलाफ इंटरकनेक्शन मुहैया नहीं कराने के लिए 14 जुलाई को शिकायत की थी.

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने रिलायंस जियो इन्फोकॉम को इंटरकनेक्शन सुविधा नहीं देने के मामले में मौजूदा दूरसंचार ऑपरेटरों भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर पर 3050 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है.

ट्राई ने बताया कि भारती एयरटेल लिमिटेड पर उसकी मौजूदगी वाले 22 सर्किलों में से जम्मू-कश्मीर को छोड़कर बाकी 21 में हर सर्किल के लिए 50-50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

इस तरह से एयरटेल पर कुल 1,050 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. वोडाफोन इंडिया पर भी जम्मू-कश्मीर को छोड़कर अन्य सभी 21 सर्किलों में कुल 1050 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. आइडिया सेलुलर पर उसके 20 सर्किलों में से हिमाचल प्रदेश को छोड़कर बाकी 19 सर्किलों पर कुल 950 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

दरअसल, रिलायंस जियो ने इन सभी कंपनियों के खिलाफ पर्याप्त इंटरकनेक्शन मुहैया नहीं कराने के लिए 14 जुलाई को शिकायत की थी. कंपनी ने ट्राई से संपर्क कर आरोप लगाया है कि मौजूदा कंपनियां उसे पर्याप्त संख्या में इंटरकनेक्शन पोर्ट उपलब्ध नहीं करा रही हैं, जिसकी वजह से उसके नेटवर्क पर कॉल विफल हो रही हैं, जिसके बाद नियामक ने दूरसंचार विभाग से इन तीन बड़ी कंपनियों पर जुर्माना लगाने की सिफारिश की है.

ट्राई ने पाया है कि ये ऑपरेटर लाइसेंस शर्तों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं. ट्राई ने कहा कि इंटरकनेक्शन उपलब्ध न कराने के पीछे का मकसद प्रतिस्पर्धा में बाधा डालना है और यह उपभोक्ता विरोधी है. नियामक ने इन कंपनियों के दूरसंचार लाइसेंसों को रद्द करने की सिफारिश इस वजह से नहीं की है कि इससे उपभोक्ताओं को भारी असुविधा झेलनी पड़ेगी.

रिलायंस जियो का कहना है कि उसके ग्राहकों को एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर के नेटवर्क पर 75 प्रतिशत कॉल विफलता झेलनी पड़ रही है. मौजूदा आपरेटरों ने पर्याप्त इंटरकनेक्शन सुविधा उपलब्ध नहीं कराई है. सेवा गुणवत्ता नियमों के अनुसार इंटरकनेक्ट के बिंदु पर 1,000 में से 5 से अधिक कॉल्स फेल नहीं होनी चाहिए.

रिलायंस जियो ने 5 सितंबर से अपनी सेवाएं शुरू की थी, जिसकी शुरुआत के साथ ही उपभोक्ताओं में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला था, जहां जियो सिम के लिए देशभर में स्टोर्स के बाहर लंबी कतारें देखने को मिली.

हालांकि इंटरकनेक्शन में दिक्कत की वजह से जियो के उपभोक्ताओं का काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन अब ट्राई के इस कड़े रुख के बाद उम्मीद की जा रही है कि रिलायंस जियो की क्रांतिकारी सेवाओं में तेजी से सुधार आएगा.

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