मेडिकल कॉलेज का फरमान, लड़कियों के जींस, शॉर्ट, टॉप पहनने पर लगाया बैन

तिरुअनंतपुरम

केरल के तिरुअनंतपुरम स्थित एक सरकारी मेडिकल कॉलेज ने अपने छात्रों से कक्षा में तथा मरीजों से बात करते वक्त जीन्स, लैगिंग और शॉर्ट टॉप एवं ‘आवाज वाले आभूषण’ नहीं पहनने को कहा है.

इस संबंध में सर्क्युलर शुक्रवार को त्रिवेन्द्रम मेडिकल कॉलेज के प्रधानाध्यापक ने जारी किया. सर्क्युलर के जारी होते ही विवाद बढ़ गया है. इस वार्षिक सर्क्युलर में उपस्थति और परीक्षाओं के संबंध में बताया गया है. इसके अलावा इस सर्क्युलर में ड्रेस के संबंध में कुछ विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं.

छात्रों से वे जीन्स, टी शर्ट, चप्पल की जगह साफ सुथरे कपड़े पहनने को कहा गया है. वहीं, छात्राओं से कहा गया कि कक्षाओं में तथा मरीजों से मिलते वक्त शॉर्ट टॉप, जीन्स, लैगिंग, चप्पल और ‘आवाज वाले आभूषण’ नहीं पहनें बल्कि चूड़ीदार पाजामा या साड़ी पहनी जाए.

एक छात्र मोहम्मद एसएम ने कहा, “जींस अब प्रतिदिन पहने जाने वाली पोशाकों में से है. हम सभी उसे पहनते हैं. महिलाएं सांस्कृतिक कारणों की वजह से ड्यूटी के दौरान सलवार पहन सकती हैं. लेकिन इसमें उनकी पसंद शामिल होनी चाहिए.”

चिकित्सा कॉलेज परिसंघ के अध्यक्ष डॉ. संतोष ने कहा, “हम इस तरह से सर्क्युलर का बिल्कुल भी समर्थन नहीं करते हैं. समय बदल चुका है. सहजता का स्तर बदल चुका है. मैं इस बात से सहमत हूं कि उन्हें सफेद ओवरकोट पहनना चाहिए लेकिन उन्हें जींस और लैंगिंग पहनने से रोकना मूर्खता होगी.” इस मसले पर छात्र संघ ने प्राधिकारियों और एमबीबीएस के बीच खुली बहस कराने के लिए कहा है.

नोटिस जारी करने वाले उप-प्रधानाचार्य ने कहा की, यह सर्क्युलर कार्यविधि से संबंधित है. द्वितीय वर्ष से लेकर सभी छात्रों को अस्पताल में चिकित्सीय सेवाओं के लिए तैनात किया गया है और हमें शिष्टाचार को सुनिश्चित करना है. लेकिन वे हॉस्टल और बाद के घंटे में जो चाहे, वह पहन सकते हैं.”

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