जिनपिंग ने आतंकवाद को माना अहम मुद्दा, लेकिन मसूद अजहर पर नहीं की चर्चा

जिनपिंग ने आतंकवाद को माना अहम मुद्दा, लेकिन मसूद अजहर पर नहीं की चर्चा

दिल्ली/पणजी

गोवा की राजधानी पणजी में शनिवार से ब्रिक्स समिट शुरू हो गया है. पांच देशों के इस सम्मेलन में तमाम आपसी और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी, साथ ही आपसी सहयोग को नई ऊंचाई देने के उपायों पर भी सदस्य देशों के प्रमुख बात करेंगे. शनिवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने विकास स्वरूप ने बताया कि भारत और चीन दोनों ने आतंकवाद को एक महत्वपूर्ण मुद्दा माना है. पीएम मोदी ने कहा कि आज कोई भी देश आतंकवाद के खतरे से बचा नहीं है. वहीं चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और चीन को आतंकवाद रोधी कदमों को और मजबूत करना होगा. चीन के साथ एनएसजी के मुद्दे पर भी बातचीत हुई. आतंकी मसूद अजहर के मसले पर विकास स्वरूप ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहेगी.

modi-jinping-1

यूएन की ओर से मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के लिए भारत के कदम पर चीन की ओर से तकनीकी रोक लगाने को लेकर भारत अपने इस पड़ोसी देश से नाराज रहा है. यह पूछे जाने पर कि क्या अजहर मुद्दे पर चीन का समर्थन हासिल करने के लिए उसे कोई सबूत मुहैया कराया गया है, इस पर स्वरूप ने कहा, ‘कोई सबूत नहीं.’ उन्होंने कहा कि भारत ने चीनी पक्ष को अपनी राय बताने में कोई कसर नहीं छोड़ी है और उसे उम्मीद है कि वे इसमें तर्क देखेंगे.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएम मोदी से बातचीत के दौरान वाराणसी भगदड़ की घटना पर शोक जताया. इससे पहले गोवा में ब्रिक्स समिट से पहले भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बातचीत के बाद 16 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं. इन समझौतों से रक्षा क्षेत्र में भारत और रूस के बीच नया आयाम स्थापित होगा.

Share With:
Rate This Article
No Comments

Leave A Comment