BRICS 2016: गोवा में पीएम मोदी ने की पुतिन से मुलाकात, अहम समझौतों पर लग सकती है मुहर

भारत-रूस के बीच हुए 16 अहम समझौते, आतंकवाद पर भी बनी एकराय

दिल्ली/पणजी

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले आज का दिन भारत के लिए काफी अहम माना जा रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात हुई. इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर थी. इसके साथ ही जैसा माना जा रहा था दोनों ही देशों की बीच रक्षा के क्षेत्र में बड़ा समझौता हुआ है. इसके साथ ही अन्य मुद्दों पर भी हस्ताक्षर हुए हैं.

भारत-रूस के बीच एस400 मिसाइल सिस्टम पर समझौता हो गया है और इस मुद्दे पर मुहर लग गई है. इसके साथ ही कामोव हेलीकाप्टर खरीदने पर भी बात बन गई है. इसके साथ ही परमाणु उर्जा, गैस पाईप लाइन, स्मार्ट सिटी और जहाज निर्माण जैसे 16 अहम समझौते हुए हैं. इस अवसर संयुक्त प्रेसकांफ्रेंस में रूसी भाषा में अपने भाषण की शुरूआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश और करीब आ गए हैं.

इस अवसर पर पीएम मोदी ने रूसी कहावत भी कही जिसका मतलब था कि ‘एक पुराना दोस्त, दो नए दोस्तों के बेहतर होता है.’ इसके साथ ही विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि मोदी और पुतिन के बीच उरी हमले और उसके बाद भारत की ओर से की गई कार्रवाई (सर्जिकल स्ट्राइक) के बारे में भी चर्चा हुई है. भारत-रूस के बीच बातचीत को लेकर चीन-पाकिस्तान की नींद उड़ी हुई है.

इस बीच ब्रिक्स सम्मेलन के लिए गोवा में सुरक्षा के इंताजम कड़े कर दिए गए हैं. गोवा के समंदर किनारे सेना के जवान एंटी एयरक्राफ्ट गन के साथ तैनात है. ब्रिक्स सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील के राष्ट्रध्यक्ष समेत 11 देश के प्रमुख शामिल हो रहे हैं. कल से ब्रिक्स देशों के प्रमुखों का सम्मेलन शुरू होगा उससे पहले आज रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मोदी की मुलाकात होगी और कई समझौते होंगे.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मोदी की मुलाकात होगी और इसमें आतंकी अजहर मसूद और पाकिस्तान को लेकर बात हो सकती है. आज रूस से भारत का जो करार होने वाला है उससे चीन और पाकिस्तान की रातों की नींद और दिन का चैन खत्म हो जाएगा. रूस भारत को ऐसा हथियार देने वाला है जिसके सामने इन दोनों की परमाणु बम वाली मिसाइलें भी ठहर नहीं पाएंगी. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज दोपहर गोवा पहुंचे.

रूस के राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने आज करार किया. इसके बाद दुश्मनों की नीयत को नेस्तनाबूत करने आएगा रूस में बना एस 400 एयर डिफेंस सिस्टम. जो कि दुनिया का सबसे आधुनिक और लंबी दूरी का एयर डिफेंस सिस्टम है.

ये एक साथ 36 लक्ष्यों पर निशाना साध सकता है, दुश्मनों की मिसाइलों की सटीक पहचान 600 किलोमीटर दूर से ही कर लेता है, और 400 किलोमीटर दूर मौजूद मिसाइल को हवा में ही मार गिराता है. लड़ाकू विमान ही नहीं ड्रोन्स को भी जमींदोज करने की ताकत है इसमें.

रूस के बाद भारत दुनिया का दूसरा देश होगा जिसके पास एस 400 एयर डिफेंस सिस्टम होगा. जो कि 10 हजार फीट की ऊंचाई तक वार करने में सक्षम है. इसमें तीन मिसाइलों का इस्तेमाल होता है. पहली मिसाइल की मारक क्षमता 400 किमी है. दूसरी मिसाइल की मारक क्षमता 250 किमी और तीसरी मिसाइल की मारक क्षमता 120 किमी है.

भारत, रूस से पांच एस 400 मिसाइल सिस्टम खरीदने वाला है. जिसकी कुल कीमत करीब 33 हज़ार करोड़ रुपए है. पहले से ही माना जा रहा था कि भारत-रूस से करीब 39 हज़ार करोड़ रुपए का रक्षा सौदा हो सकता है. एस 400 एयर डिफेंस सिस्टम के अलावा कामोव हेलिकॉप्टर इसमें शामिल होंगे. इसके साथ ही यह भी माना जा रहा था कि नेवी के लिए फ्रिगेट, सेना के लिए इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स और परमाणु पनडुब्बियों के लिए भी अग्रीमेंट पर दस्तखत हो सकते हैं.

पाकिस्तान के साथ रूस ने जब से सैन्य अभ्यास किया है तब से ये खबर आ रही थी भारत से रूस के संबध खराब होने लगे हैं. लेकिन, रूस के साथ कथित तौर पर कमज़ोर पड़ते अपने संबंधों को इस सौदे के जरिये सुधारने की भी कोशिश है.

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