सोने का सिक्का बना ग्राहकों की पहली पसंद

सोने का सिक्का बना ग्राहकों की पहली पसंद

दिल्ली

केंद्र सरकार की ओर से बीते साल जारी किया गया इंडियन गोल्ड क्वाइन अब ग्राहकों की पहली पसंद बन गया है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल और एमएमटीसी की एक स्टडी रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. रिपोर्ट बताती है कि लोग अनब्रैंडेड सिक्कों की तुलना में इस सरकारी सिक्के को शुद्धता की गारंटी के चलते ज्यादा मात्रा में खरीद रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते साल दिवाली से पहले गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम, सॉवरेन गोल्ड बांड स्कीम के साथ इंडियन गोल्ड क्वायन की शुरुआत की थी. यह पहला मौका था कि सरकार ने सोने के देसी सिक्के शुरू किए थे. इससे पहले तक विदेश में बने सोने के सिक्के ही बाजार में मिलते थे.

इनमें 24 कैरेट प्योरिटी, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआइएस) का हॉलमार्क, टैंपर-प्रूफ पैकेजिंग, मानकीकरण, बायबैक ऑप्शन और पांच से 10 ग्राम में उपलब्धता शामिल हैं. अशोक चक्र का प्रतीक और सरकारी समर्थन भी इनकी खासियत हैं.

इस संबंध में ज्वैलर्स का कहना है कि इंडियन गोल्ड क्वाइन स्टैंडर्ड रेट और उनके अपने सिक्कों के मुकाबले 8-10 फीसदी महंगा है और इस वजह से लोग इसे खरीदने से बच रहे हैं. ज्वैलर्स का कहना है कि त्योहार के मौकों पर आमतौर पर लोग लक्ष्मी, गणेश और साईं बाबा के चित्रों वाले सिक्के खरीदना ही पसंद करते हैं और ऐसे में यह सरकारी सिक्का उनकी जगह नहीं ले सकता है.

इस सर्वे में 25-60 वर्ष की आयु के लोगों की प्रतिक्रिया ली गई जो कि विभिन्न सामाजिक-आर्थिक समूहों प्रोफैशनल्स, बिजनेसमैन, महिलाएं व गृहणियां शामिल थी. इस सर्वे में देश के आठ प्रमुख शहरों को शामिल किया गाय.

इस सर्वे में यह बात सामने आई है कि लोग अब आम सिक्कों की तुलना में शुद्धता की गारंटी वाले सरकारी इंडियन गोल्ड क्वाइन को ज्यादा खरीद रहे हैं. इसमें बताया गया है कि लोग दिवाली के अलावा जन्मदिन, शादी और अन्य मौकों पर गिफ्ट देने के लिए भी इसे खरीदना पसंद कर रहे हैं.

एमएमटीसी के सीएमडी वेद प्रकाश ने बताया कि 5, 10 और 20 ग्राम के इन सिक्कों को 200 से ज्यादा आउटलेट्स पर बेचा जा रहा है. साथ ही इंडियन ओवरसीज बैंक, फेडरल बैंक, विजया बैंक और यश बैंक की शाखाओं में भी यह उपलब्ध है.

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