पुलिस की मुखबिरी के शक में गंवाई जान, सब जानते हुए भी पुलिस चुप

पुलिस की मुखबिरी के शक में गंवाई जान, सब जानते हुए भी पुलिस चुप

मानसा

शराब माफिया की मुखबिरी के शक में कत्ल सुखचैन सिंह उर्फ पाली की लाश सोमवार रात 9.30 बजे तक मुख्य आरोपी बलवीर काला के घर में ही थी, उसकी काटी गई टांग की चप्पनी उसके घर के बाहर गिरी थी पुलिसवालों को बताया भी, पर वे रात को तलाशी की हिम्मत नहीं जुटा सके, उस समय आरोपी भी घर के अंदर ही थे.
मंगलवार सुबह लाश घर के पीछे गली में मिली, यह खुलासा मृतक सुखपाल की मां करमजीत कौर ने बुधवार को किया उधर, पुलिस ने वारदात के दो दिन बाद बुधवार शाम 4 बजे उसके घर से आधा किलोमीटर दूर मक्की के खेत से मृतक सुखपाल की टांग बरामद की दिन भर चले जत्थेबंदियों के धरने के दबाव में पुलिस ने देर शाम 7 बजे हत्यारोपी अकाली नेता के रिश्तेदार हरदीप सिंह, बलवीर सिंह उर्फ काला और साधू सिंह को गिरफ्तार कर लिया.

हालांकि तीन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, पिता रेशम सिंह ने आरोप लगाया कि उसके बेटे का अकाली नेताओं के संरक्षण में कत्ल हुआ है अगर पुलिस चाहती तो आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता था, पीड़ित परिवार ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक लाश का संस्कार नहीं करने का फैसला लिया है.
मां करमजीत ने कहा कि सोमवार रात 8 बजे सुखचैन को गांव के बस स्टैंड से ही उठा लिया गया था, उन्होंने सरपंच समेत पूरे गांव से ढूंढने के लिए कहा मदद किसी ने नहीं की, उलटे चुप रहने के लिए दबाव डाला गया.

पिता रेशम सिंह ने कहा, बेटे के कत्ल के लिए इलाके का एक अकाली नेता और कोटधरमू का थाना इंचार्ज जिम्मेदार है कत्ल से पहले ही पुलिस को 5 लाख रुपए की पेशगी दे दी गई थी, थाना कोटधरमू इंचार्ज चन्नण सिंह ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज किया.

Share With:
Rate This Article
No Comments

Leave A Comment