कश्मीरी युवकों को अपने अधीन रखना चाहते हैं आतंकी : उमर

कश्मीरी युवकों को अपने अधीन रखना चाहते हैं आतंकी : उमर

श्रीनगर

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआई) पर आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कश्मीरी युवकों को आतंकवादी अपने अधीन रखना चाहते हैं. आतंकी नहीं चाहते कि कश्मीरी लड़के-लड़कियां अपने पैरों पर खड़े हों.

नेशनल कांफ्रेंस के नेता ने सोमवार को ट्वीट किया, ईडीआई हमेशा कश्मीरी युवाओं को अपने पांव पर खड़े होने और सरकारी नौकरी पाने के लिए प्रशिक्षित करती है. आतंकियों ने इस साल दूसरी बार पंपोर में इस इमारत को निशाना बनाया है. लेकिन इसमें कोई आश्चर्य नहीं, क्योंकि आतंकी नहीं चाहते कि यहां के युवा आत्मनिर्भर बनें.

मुहर्रम पर किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए सोमवार को एहतियातन 11 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नौहट्टा, खानयार, रैनवाड़ी, सफाकदल, महाराजगंज, मैसुमा, राम मुंशी बाग, शहीदगंज, करालहुद, करन नगर और बटमालू क्षेत्र में कर्फ्यू लगाया गया है.

अधिकारियों का मानना है कि यहां मुहर्रम पर निकलने वाले धार्मिक जुलूस का फायदा अलगाववादी राजनीतिक प्रचार के लिए कर सकते हैं. घाटी में तीन माह पहले हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से तनाव जारी है.

कुलगाम से माकपा विधायक एमवाई तारिगामी ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को पत्र लिखकर घाटी में पैलेट गन का इस्तेमाल बंद करने की अपील की है. उन्होंने एक प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल किशोर की मौत की जांच कराने का भी आह्वान किया है.

तारिगामी ने कहा, पूरे विपक्ष द्वारा कड़ी निंदा और संसद में जोरदार बहस के बावजूद प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है, यह समझ नहीं आया. इसका इस्तेमाल नहीं करने का आश्वासन दिया गया था.

जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी (जेकेएनपीपी) ने पिछले दिनों रामनगर में एक दलित युवक पर हुए हमले के विरोध में सोमवार को प्रदर्शन किया. पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य में एससी और एसटी के खिलाफ हमलों में बढ़ोतरी हुई है.

पार्टी अध्यक्ष हर्ष देव सिंह ने बताया, यहां अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाले युवक बिशन दास पर रामनगर मंदिर में क्रूरता से हमला किया गया. राजनीतिक संरक्षण के कारण हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और पुलिस ने मामूली धाराओं में मामला दर्ज किया. अपराधियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज किया जाए.

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