नवाज़ शरीफ के सलाहकार ने कहा, ‘मोदी के रहते भारत से रिश्ते नहीं सुधर सकते’

दिल्लीः

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज ने संबंध और खराब करने का बयान दे दिया है. पाकिस्तानी चैनल को दिए इंटरव्यू में सरताज अजीज ने कहा कि मोदी के रहते दोनों देशों के संबंध ठीक नहीं हो सकते हैं.

सर्जिकल स्ट्राइल के बाद जितनी गर्मी भारत और पाकिस्तान के बीच दिख रही है उतनी ही हलचल सोशल मीडिया पर भी दिख रही है. पाकिस्तान पर पीएम मोदी कितने भारी पड़ रहे हैं, ये दिखाने के लिए सोशल मीडिया में एक एनिमेशन वायरल हो रहा है जिससे मोदी के चलते पाकिस्तान में नवाज शरीफ बुरी तरह से घिर गए हैं.

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद मोदी नाम का खौफ नवाज कैंप की जुबान पर आ गया है. नवाज शरीफ के विदेश सलाहकार सरताज अजीज ने उस खौफ को आवाज दी है. सरताज अजीज ने पीएम मोदी का नाम लेकर कह दिया कि ‘मोदी के पीएम रहते भारत और पाकिस्तान के रिश्ते कभी सुधर नहीं सकते.’

सरताज अजीज ने जो कहा कि उसका मतलब ये है कि 2019 तक वो पीएम मोदी का मुकाबला कर नहीं पाएंगे क्योंकि 2019 तक तो मोदी ही पीएम रहेंगे. 2019 के चुनाव में भी जीत गए तो फिर सरताज अजीज तो 2024 तक कुछ होने की उम्मीद छोड़नी होगी.

पीएम मोदी का नाम लेकर भारत-पाकिस्तान संबंध की भविष्यवाणी करने वाले सरताज अजीज का बयान यही इशारा है कि पाकिस्तान में अब मोदी का खौफ सत्ताधारियों पर भारी पड़ रहा है. पाकिस्तानियों के लिए इंडिया इज मोदी और मोदी इज इंडिया बना हुआ है. पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है लेकिन देश से वफादारी दिखाने के लिए वो भी मोदी को गीदड़भभकी दे रहे हैं.

नवाज शरीफ के विरोधी और तहरीक ए इंसाफ पार्टी प्रमुख इमरान खान भी मोदी का नाम लेकर ही नवाज शरीफ को कोस रहे हैं.

सर्जिकल स्ट्राइल के बाद भारत के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए पाकिस्तानी संसद की बैठक हुई तो विपक्ष के नेता खुर्शीद अहमद ने भी नवाज शरीफ की सरेआम बेइज्जती मोदी का नाम लेकर ही की थी क्योंकि शरीफ भाषण देने के मामले में भी मोदी के आगे ठहर नहीं रहे हैं.

नवाज शरीफ की मुश्किल ये है कि वो न घर के रहे, ना घाट के क्योंकि वो न दोस्ती निभा पाए, न दुश्मन की तरह बदला ले पाए. भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक करके पाकिस्तान को घुसकर मारा था लेकिन नवाज शरीफ की सरकार शर्म के मारे ये सच भी नहीं मान नहीं पाई.

पीएम मोदी ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया तो नवाज शरीफ ने हाथ थाम भी लिया. 26 मई 2014 को मोदी की शपथ के साथ दोस्ती का ये सिलसिला शुरू हुआ था. पीएम मोदी ने दोस्ती के कई कदम बढाए तो नवाज शरीफ बढ़ते चले गए लेकिन पाकिस्तान सेना, आईएसआई ने आंख दिखाई तो पलटी मारकर खंजर घोंपने के लिए मजबूर भी हो गए. अब पाकिस्तान के सत्ताधारी दल की मजबूरी ये है कि अब वो भारत से भी पिट रहे हैं और पाकिस्तानियों से भी.

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