एचपीयू की लापरवाही से फंसी हजारों छात्रों की स्कॉलरशिप

शिमला

च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के कारण हो रही प्रदेश विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों की देरी ने हजारों पात्र विद्यार्थियों की सालाना छात्रवृत्ति पर ब्रेक लगा दी है. यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट नहीं मिलने के चलते केंद्र सरकार धनराशि नहीं दे रही हैं.

बीते साल के रिजल्ट के आधार पर अगले साल की राशि दी जाती है. एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के स्टूडेंट्स को केंद्र सरकार उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति देती है. हिमाचल के कॉलेजों में फर्स्ट और सेकेंड सेमेस्टर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभी तक परीक्षा परिणाम नहीं निकले हैं.

इन परीक्षा परिणामों के घोषित होने के बाद ही पात्र विद्यार्थियों के दस्तावेज शिक्षा विभाग के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजे जाते हैं. सभी दस्तावेजों को वेरिफाई करने के बाद केंद्र सरकार राशि देती है, लेकिन हिमाचल में संकट खड़ा हो गया है.

च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के चलते प्रदेश विश्वविद्यालय समय से परिणाम घोषित नहीं कर पा रहा है. ऐसे में शिक्षा विभाग को केंद्र सरकार से छात्रवृत्ति राशि नहीं मिल रही है. उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने इसकी पुष्टि की है.

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