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मनी लांड्रिंग मामले में ईडी ने वीरभद्र के बेटे से की पूछताछ

हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ मनी लांड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने शुक्रवार को उनके बेटे विक्रमादित्य पूछताछ की। ईडी के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत विक्रमादित्य के बयान दर्ज किए हैं।

इसके अलावा पूर्व में छापेमारी के दौरान बरामद किए गए दस्तावेज के आधार पर विक्रमादित्य से सवाल पूछे गए। विक्रमादित्य से उनके द्वारा किए गए वित्तीय लेनदेन के बारे में भी पूछा गया। विक्रमादित्य की ओर से बृहस्पतिवार को दिल्ली हाईकोर्ट में गुहार लगाने के बाद हाईकोर्ट ने ईडी को विक्रमादित्य को गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश दिया था।

मालूम हो कि ईडी हाल में इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुका है। मामले में एलआईसी एजेंट आनंद चौहान की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा ईडी करीब आठ करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुका है। वीरभद्र अपने और अपने परिवार के मनी लांड्रिंग में शामिल होने के आरोपों से लगातार इनकार करते रहे हैं। सीबीआई की ओर से इस मामले में शिकायत दर्ज कराने के बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था।

मालूम हो कि वीरभद्र पर आरोप है कि 2009 से 2011 के बीच उनके केंद्र में मंत्री रहने के दौरान उन्होंने और उनके परिवार ने 6.1 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की, जो कि उनकी आय से अधिक थी। सीबीआई की एफआईआर में वीरभद्र, उनकी पत्नी, आनंद चौहान और उसके भाई का नाम है। इन सभी को भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत आरोपी बनाया गया है।

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