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मरीज की किडनी निकालने के मामले में एक और खुलासा

डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में इलाज के नाम पर बिना बताए किडनी निकालने के मामले में सर्जरी विभाग के डॉक्टर फंस गए हैं। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हो गया है कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों की टीम ने कई औपचारिकताएं पूरी नहीं कीं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऑपरेशन से पहले भरवाए जाने वाले फॉर्म पर न मरीज और न ही परिजनों के हस्ताक्षर हैं। ऑपरेशन से पूर्व मरीज के परिजनों के एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर लिए जाते हैं और संबंधित को बीमारी के बारे में बताया जाता है।

मामले की शिकायत पीड़ित जयपाल ने टीएमसी प्रशासन से की है। इसके बाद टीएमसी की अतिरिक्त निदेशक मधु चौधरी ने सर्जरी विभाग के एचओडी को तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। अतिरिक्त निदेशक ने गत दिवस मामले में पीड़ित पक्ष को टीएमसी बुलाकर उससे पूछताछ की है।

उधर, सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. रमेश भारती ने कहा कि जाहू निवासी जयपाल के ऑपरेशन से संबंधित जांच को अस्पताल प्रशासन का पत्र मिल गया है। कहा कि जांच रिपोर्ट तीन दिन में अस्पताल प्रशासन को सौंप दी जाएगी। उन्होंने माना कि ऑपरेशन से पूर्व फॉर्म पर मरीज और परिजनों के हस्ताक्षर नहीं हैं, जबकि ये औपचारिकताएं पूरी करवानी होती हैं।

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