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भाजपा में विलय से नाराज हिलोपा का खेमा थामेगा आप का हाथ

कुल्लू से विधायक महेश्वर सिंह के भाजपा में शामिल होने से नाराज हिलोपा का दूसरा खेमा आम आदमी पार्टी का हाथ थामने जा रहा है। महेश्वर सिंह के भाजपा में जाने के बाद गठित हिलोपा की नई कार्यकारिणी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष शर्मा, पूर्व मंत्री महेंद्र नाथ सोफत पार्टी के एक दर्जन अन्य पदाधिकारियों के साथ दो अक्तूबर को आम आदमी पार्टी में शामिल होंगे। शिमला के कसुम्पटी स्थित पार्टी मुख्यालय में हिलोपा के दूसरे खेमे के विलय का कार्यक्रम होगा। आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता और प्रदेश प्रभारी संजय सिंह की मौजूदगी में इन्हें आधिकारिक तौर पर आप में शामिल किया जाएगा।

हिमाचल लोकहित पार्टी का आम आदमी पार्टी में विलय होने से प्रदेश में एक बार फिर तीसरा मोर्चा खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। हिमाचल की राजनीति में तीसरे मोर्चे को अस्तित्व में लाने के प्रयास अभी तक फेेल ही हुए हैं। भाजपा और कांग्रेस ही हर बार बड़े दलों के रूप में उभरे हैं। जब भी तीसरा मोर्चा बनाने की पहल हुई तो उसे मुख्यधारा के इन दोनों दलों से रूठे या असंतुष्ट नेताओं ने ही किया। तीसरे विकल्प का प्रभावशाली दखल केवल एक बार ही साल 1998 में पंडित सुखराम की हिमाचल विकास कांग्रेस के सहयोग से बनी भाजपा सरकार में ही देखा गया।

तीसरे विकल्प के तौर पर जनता दल ने भी 1990 में 11 सीटें जीती थी, पर उस समय भाजपा 46 सीटें जीतकर बहुमत में थी। कांग्रेस को तब 9 सीटों पर ही जीत मिली थी। उधर, देश की राजनीति में तेजी से अपने लिए जगह बना रही आम आदमी पार्टी की हिमाचल में सक्रियता बढ़ने में एक बार फिर तीसरा मजबूत विकल्प बनाने की तैयारी शुरू हुई है। पूर्व सांसद डा. राजन सुशांत पहले ही भाजपा छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो चुके हैं। अब अन्य नेताओं के आने से पार्टी का दायरा प्रदेश में बढ़ रहा है।

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