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1900 करोड़ का रक्षा सौदा तय, वॉरफेयर सिस्टम से तोड़ेंगे आतंकी नेटवर्क

जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों के मंसूबों को नष्ट करने और लगातार हाईटेक होते आतंकी नेटवर्क से लोहा लेने के लिए मोदी सरकार भी चार कदम आगे की तैयारी में है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की अध्यक्षता में हुई रक्षा खरीद परिषद की बैठक में 1900 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण 330 करोड़ की लागत से जम्मू और कश्मीर में लगाया जाने वाला इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम है। यह सिस्टम आतंकियों की घुसपैठ से निपटने में सेना की मदद करेगा।

पर्रिकर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुख और रक्षा सचिव भी मौजूद थे। बैठक में सेना के लिए 405 करोड़ रुपये के टैंक रोधी गोला-बारूद की खरीद को भी मंजूरी दी गई। जबकि नौसेना के दो प्रस्तावों को भी बैठक में हरी झंडी दी गई।

क्या है इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम
इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम ऐसी प्रणाली है जो दुश्मन के नेटवर्क में घुसकर नजर रख सकती है इसके अलावा जरूरत पड़ने पर उसको जाम भी कर सकती है। जाहिर है इसके आने से सेना को आतंकवाद से लड़ने में काफी मदद मिलेगी। इसके अलावा सेना के लिये 405 करोड़ की लागत से एटीजीएम यानी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।

अंतिम फैसला कैबिनेट कमेटी ही करेगी
रक्षा खरीद परिषद ने मुंबई में स्कॉर्पीन पनडुब्बी के लिये मुंबई में 725 करोड़ की लागत से रिपेयर सुविधा के निर्माण को भी मंजूरी दी गई। साथ ही पोर्ट ब्लेयर में हथियारों की मरम्मत के लिये 450 करोड़ की लागत से एक केंद्र का निर्माण किया जाएगा। रक्षा खरीद परिषद के बाद अंतिम फैसला कैबिनेट कमेटी ऑऩ सिक्योरिटी को लेना है इसके बाद ही इन हथियारों की खऱीद सुनिश्चित होती है।

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