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तो क्या पुजारा को लेकर कोच कुंबले और कोहली की सोच अलग-अलग?

टीम इंडिया के प्रमुख कोच अनिल कुंबले ने कहा है कि टीम में कभी किसी बल्लेबाज पर स्ट्राइक रेट को लेकर दबाव नहीं बनाया जाता और सभी बल्लेबाज अपना स्वाभाविक खेल खेलने के लिए आजाद हैं। पुजारा के स्ट्राइक रेट को लेकर लगता है कप्तान विराट कोहली और कोच कुंबले के विचार अलग-अलग हैं।

पूर्व चयनकर्ता प्रमुख संदीप पाटिल ने हाल में कहा था कि वेस्टइंडीज दौरे में चेतेश्वर पुजारा का फॉर्म कुंबले और कप्तान विराट कोहली के लिए चिंताजनक था और पुजारा को अपने स्ट्राइक रेट में सुधार करने के लिए कहा गया था। कुंबले ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 30 सितंबर से यहां ईडन गार्डन्स में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से पहले कहा, ‘इस तरह के बयान सामने आने से मैं पूरी तरह से हैरान और निराश हूं। टेस्ट क्रिकेट में खिलाड़ियों को परिस्थितियों और टीम की जरूरतों के मुताबिक खेलना होता है। यह ठीक है। वह हमारी योजना का एक अहम हिस्सा है। वह (पुजारा) एक सफल बल्लेबाज है और हमें उम्मीद है कि अपने इस फॉर्म को आगे भी जारी रखेगा।’

‘टेस्ट में बल्लेबाज से ज्यादा गेंदबाज का स्ट्राइक रेट अहम’
उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों से ज्यादा गेंदबाज का स्ट्राइक रेट मायने रखता है। कोच ने कहा, ‘पिछले आठ सालों से टी-20 क्रिकेट के आने से स्ट्राइक रेट पर काफी चर्चा होने लगी है। जहां तक मेरी बात है मैं पुरानी सोच रखने वाला व्यक्ति हूं। जब मैं टेस्ट क्रिकेट खेलता था तो बल्लेबाजों के स्ट्राइक रेट के बारे में बातें न होकर गेंदबाजों के स्ट्राइक रेट के बारे में बात की जाती थी। टेस्ट मैच में आपको विभिन्न भूमिका निभाने की जरूरत होती है। हर मैच की परिस्थितियां अलग होती हैं और आपको उसी के अनुसार खेलना होता है। यही टेस्ट मैच की खूबी है।’

‘टीम मैनेजमेंट की तरफ से भी किसी पर कोई दबाव नहीं’
कुंबले ने कहा, ‘हम सभी को पता है कि किसी भी टेस्ट सीरीज का पहला सेशन काफी अहम होता है और आपको परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबजी करनी होती है। इसलिए पुजारा वहां पर सही है। मुझे कभी नहीं लगा कि पुजारा टीम में रहते हुए अपने खेलने को लेकर राहत भरी सांस ले पाए।’ कोच ने कहा, ‘और ऐसा मेरा अकेले का मानना नहीं है लेकिन मैं साफ कर दूं कि अब टीम मैनेजमेंट की तरफ से पुजारा पर कोई दबाव नहीं है। हम उनके योगदान की अहमियत समझते हैं। कानपुर टेस्ट में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की। इसलिए उन पर या कहें किसी पर भी कोई दबाव नहीं है। टीम में सबकी भूमिका है, जिम्मेदारी है, लेकिन दबाव किसी पर नहीं है।’

‘कभी राहत की सांस नहीं लेता है पुजारा’
बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने दो साल बाद टीम में वापसी की है। उन्हें चोटिल सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल की जगह टीम में शामिल किया गया है। यह पूछने पर कि क्या स्ट्रोक खेलने वाले गंभीर के टॉप ऑर्डर में होने से पुजारा राहत की सांस ले सकते हैं, कुंबले ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि पुजारा कभी राहत की सांस लेता है। आप सब लोग यह देख सकते हैं।’ गंभीर के खेलने के बारे में पूर्व कप्तान ने कहा, ‘सभी 15 खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन के लिए उपलब्ध हैं। गंभीर को वापसी करते देखना अच्छा लग रहा है। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। वह 15 का हिस्सा बने हैं और सभी 15 चयन के लिए उपलब्ध हैं।’

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