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पाक को झटका, भारत के बहिष्कार के बाद सार्क सम्मेलन रद्द

इस्लामाबाद में होने वाला सार्क सम्मेलन रद्द हो गया है। पाकिस्तान और नेपाली मीडिया ने अपनी सरकार के सूत्रों के आधार पर इसकी पुष्टि की है।

भारत के बाद बुधवार को अफगानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान द्वारा सम्मेलन के बहिष्कार के बाद नेपाल ने यह कदम उठाया। नेपाल सार्क का मौजूदा अध्यक्ष है। इस फैसले से पड़ोसी मुल्कों में आतंकवाद फैला रहे पाक को तगड़ा झटका लगा है। उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बुधवार को ऐलान किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19वें सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। इसके अगले ही दिन पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत से एकजुटता दिखाते हुए तीन अन्य देशों ने सम्मेलन में भागीदारी से इनकार कर दिया।

भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक कामयाबी
इसे उरी हमले के बाद आतंकवाद पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की भारत की कूटनीतिक मुहिम माना जा रहा है। दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के ही आठ सदस्यों में चार देशों के इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में पाक के खिलाफ संदेश जाएगा। उरी हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अफगानिस्तान और बांग्लादेश के नेताओं से वार्ता के बाद पाक को सामूहिक तौर पर कड़ा संदेश देने की भूमिका बनने लगी थी।

पाक की दखलंदाजी से खफा बांग्लादेश
बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री शहरयार आलम ने बुधवार को पाक का नाम लिए बिना कहा कि उसके अंदरूनी मामलों में एक देश के लगातार बढ़ते दखल से ऐसा माहौल बन गया है कि सम्मेलन का सफल आयोजन संभव नहीं है। बांग्लादेश में कट्टरपंथी संगठन जमात ए इस्लामी को समर्थन और हालिया ढाका कैफे हमले में आईएसआई की भूमिका सामने आने के बाद से प्रधानमंत्री शेख हसीना काफी नाराज हैंं। वर्ष 1971 के पाक सेना के साथ मिलकर हजारों की जान लेने वाले अपराधियों को फांसी पर पाकिस्तान की आपत्ति से भी दोनों देशों में रिश्ते बिगड़े।

पाक प्रायोजित आतंकवाद से पीडि़त अफगानिस्तान
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने सार्क सम्मेलन में न जाने का फैसला किया। सूत्रों के मुताबिक, अफगान सरकार ने कहा कि थोपे गए आतंकवाद के कारण हिंसा में बढ़ोतरी से राष्ट्रपति की जिम्मेदारी और बढ़ गई है और शिखर सम्मेलन में नहीं जा पाएंगे। दरअसल, आईएसआई की अफगान तालिबान और हक्कानी गुटों को संरक्षण और काबुल समेत कई इलाकों में हुए हमलों में पाक का हाथ होने से गनी बेहद नाराज थे। हालिया नई दिल्ली यात्रा में गनी ने पाक को संदेश देते हुए कहा था कि सांप उसे दूध पिलाने वाले को भी डंसता है।

भूटान ने भी आतंकवाद को लेकर असमर्थता जता दी
भूटान ने कहा कि वह क्षेत्रीय देशों में सहयोग तो चाहता है, लेकिन आतंकवाद की बढ़ती गतिविधियों ने सम्मेलन के सफल आयोजन पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। उसने कहा कि वह आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा पर सदस्य देशों की चिंता से खुद को अलग नहीं कर सकता और सम्मेलन में भाग लेने में असमर्थ है।

खिसियाहट सामने आई
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों में सलाहकार सरताज अजीज ने कहा कि सम्मेलन को विफल करने के भारत दुष्प्रचार कर रहा है। वहीं पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा कि कई देशों के इनकार के बावजूद उनका देश सम्मेलन की तैयारियां जारी रखेगा।

नेपाल ने सार्क संविधान के तहत उठाया कदम
सार्क के संविधान के मुताबिक, यदि किसी एक सदस्य देश का शासनाध्यक्ष भी शिखर सम्मेलन में मौजूद नहीं होता है तो इसे रद्द माना जाता है। जबकि भारत समेत चार देशों ने सम्मेलन का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है।

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