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भूषण ने SC से कहा, शहाबुद्दीन समाज के लिए गंभीर खतरा, सुनवाई 28 को

विवादास्पद राजद नेता शहाबुद्दीन को हत्या के एक मामले में मिली जमानत को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में अब 28 सितंबर को सुनवाई होगी।

वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट से कहा कि शहाबुद्दीन के खिलाफ 45 से अधिक मामले हैं, उनमें से 9 हत्या के हैं। उन्होंने कहा कि अगर शहाबुद्दीन की जमानत रद्द नहीं की गई तो वह समाज के लिए एक गंभीर खतरा है।

शहाबुद्दीन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी के पैरवी करने की खबर थी, लेकिन वह न्यायालय में उपस्थित नहीं थे। एक अन्य वकील ने मामले में शहाबुद्दीन की पैरवी शुरू की और कहा कि उनके मुवक्किल मीडिया ट्रायल के शिकार हो रहे हैं। उनके मुवक्किल को मीडिया निशाना बना रहा है।

उन्होंने पीठ से अनुरोध किया कि मामले में जवाब के लिए उन्हें कुछ और वक्त दिया जाये, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनसे पूछा कि क्या वह अपने मुवक्किल के खिलाफ लगाये जा रहे आरोपों के बारे में जानते हैं। न्यायालय ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई शीघ्र चाहता है और बुधवार तक का ही समय वह बचाव पक्ष को दे सकता है। पीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई बुधवार को होगी।

गौरतलब है कि सीवान के रहने वाले राजीव रौशन के पिता चंदा बाबू के हलफनामा पर वरीय अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस पर पिछले सोमवार को सुनवाई हुई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन से 26 सितम्बर को अपना पक्ष मांगा था।

राज्य सरकार ने भी याचिका दायर की है। दोनों याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई चल रही है। पटना हाईकोर्ट से शहाबुद्दीन को जमानत मिली हुई है।

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