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इलाज के नाम पर डॉक्टरों ने बिना बताए निकाल दी किडनी, ऐसे खुली पोल

हिमाचल के दूसरे सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में रेशे की बीमारी का इलाज कराने गए एक मरीज की डॉक्टरों ने बिना बताए किडनी ही निकाल दी।

ऑपरेशन के बावजूद बीमारी ठीक न होने पर पीडि़त ने जब करीब डेढ़ साल बाद एक प्राइवेट अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया तो उसे एक किडनी न होने का पता चला। मरीज अब पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल है।

दावा है कि पीजीआई के डॉक्टरों ने उन्हें किडनी से जुड़ी कोई बीमारी न होने की बात कही है। मरीज का आरोप है कि टांडा में ऑपरेशन के दौरान किडनी निकालने के बारे में मरीज से कन्सेंट नहीं ली गई।

पीडि़त की लिखित शिकायत पर टांडा मेडिकल कॉलेज ने अब पूरे मामले की जांच आरंभ कर दी है। कॉलेज प्रशासन ने पीडि़त से उसका पूरा मेडिकल रिकॉर्ड मंगवा लिया है।

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