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‘आतंकवाद से लड़ने वाले पति को शर्मिंदा करना और उसकी झूठी शिकायत करना क्रूरता है’

कश्मीर में आतंकवाद से लड़ने वाले पति (सीआरपीएफ कमांडेंट) के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों से झूठे व बेबुनियाद आरोप लगाना उसे गंभीर संकट में डालना ही नहीं, बल्कि उसकी प्रतिष्ठा भी खराब करना है।

यह एक क्रूरता है। इस आधार पर पति तलाक लेने का हकदार है। न्यायाधीश प्रदीप नंदराज योग व न्यायमूर्ति दीपा शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में पति सीआरपीएफ में एक वरिष्ठ अधिकारी है।

उस पर अधिकारिक जिम्मेदारी थी और उम्मीद की जाती थी कि पत्नी पति का साथ दे। लेकिन उसने पति के वरिष्ठ अधिकारियों को झूठी शिकायतें दी कि पति के कश्मीरी परिवार से संबंध हैं। लिहाजा, जांच कर उसका तबादला किया जाए।

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