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शौंगटोंग परियोजना के मजदूर वापस लें हड़ताल : हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने प्रदेश पावर कारपोरेशन की शौंगटौंग परियोजना में कार्यरत मजदूरों को आदेश दिए हैं कि वे अपनी हड़ताल वापस लें। कोर्ट ने परियोजना प्रबंधन को भी आदेश दिए कि वह श्रम कानूनों की अक्षरश: अनुपालना करे।

मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने शौंगटौंग परियोजना से मजदूरी की मांग वाली याचिका को निपटाते हुए ये आदेश पारित किए। शौंगटौंग कड़छम पन विद्युत परियोजना में काम करने वाले मजदूरों की यूनियन ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी कि पावर कारपोरेशन से उनका साढ़े तीन माह का वेतन दिलवाया जाए।

उनका कहना था कि कारपोरेेशन ने निर्माण गतिविधियों का काम पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड को दिया, जिसने वही काम आगे अन्य ठेकेदारों को बांट दिया। प्रार्थियों का आरोप था कि कारपोरेशन सहित सभी ठेकेदार श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। मामला तब भड़का, जब उन्हें दिसंबर 2015 से फरवरी 2016 तक का वेतन नहीं दिया गया।

जब उन्होंने वेतन की मांग की तो उन्हें कारपोरेशन ने कोरा आश्वासन दिया, जिस कारण उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा। हड़ताल पर गए तो डीसी किन्नौर ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी। वे अपनी जायज मांगों के लिए अपनी आवाज भी उठा नहीं पा रहे थे। प्रार्थी यूनियन ने वेतन दिलाने के अलावा क्षेत्र से धारा 144 हटाने की गुहार भी लगाई थी।

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