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उरी हमला: पाकिस्तान को जवाब देगा भारत, अमेरिका भी आया साथ

केन्द्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में सेना के शिविर पर हुए आतंकवादी हमले और उससे उत्पन्न स्थिति से निपटने को लेकर चर्चा की। सूत्रों ने बताया कि समिति की आज सुबह हुई इस बैठक में उरी में आतंकवादी हमले का जवाब देने और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। गौरतलब है कि उरी सेक्टर में ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए फिदायीन हमले में 18 जवान शहीद हो गए जबकि कई अन्य घायल हो गए। साथ ही चारों आतंकवादियों को भी मार गिराया गया था।

उरी, नौगाम में तलाशी अभियान शरू
जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर तथा नौगाम में नियंत्रण रेखा के समीप घुसपैठियों की तलाश में आज सुबह होते ही सुरक्षाबलों ने फिर अभियान शुरू कर दिया। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से 15 आतंकवादियों के नियंत्रण रेखा के इस ओर आने की आशंका है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि दोनों अभियानों के बारे में विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से कल संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया। भारत की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गयी। नियंत्रण रेखा के दोनों ओर से करीब 15 मिनट तक गोलीबारी होती रही जिसमें किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

अमेरिका भी भारत के साथ
अमेरिका के दो प्रभावशाली सांसदों ने पाकिस्तान को आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला देश घोषित करने के लिए प्रतिनिधि सभा में एक विधेयक पेश किया है। यह पाकिस्तान को ऐसे समय में एक झटका है जब उसके प्रधानमंत्री नवाज शरीफ कश्मीर मसले को लेकर समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों सांसदों ने कहा कि अब समय आ गया है जब अमेरिका, पाकिस्तान को उसके विश्वासघात के लिए धन देना बंद कर दे।

रिपब्लिकन पार्टी के टेड पो और डेमोक्रेटिक पार्टी से कांग्रेस सदस्य डाना रोहराबाचर ने पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म डेजिगनेशन एक्ट पेश किया। पो ने कहा, पाकिस्तान विश्वास न करने योग्य ही नहीं, बल्कि वह अमेरिका के शत्रुओं की वर्षों से मदद करता आया है और उन्हें बढ़ावा देता रहा है।

‘जवाबी कार्रवाई करे भारत’
ओवरसीज फ्रेंडस ऑफ बीजेपी -यूएसए ने कहा, पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का उद्गम स्थल एवं केंद्र बन गया है। इस समय पाकिस्तान वैश्विक समुदाय में पूरी तरह अलग थलग हो गया है और एक कपटी देश के रूप में सामने आ रहा है। उसने कहा, ओएफबीजेपी-यूएसए का मानना है कि उरी में पाकिस्तानियों ने भारतीय सेना पर जो हमला किया है उसे घुसपैठियों द्वारा अंजाम दी गई आतंकवाद की एक अन्य घटना करार नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि इसे पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ युद्ध के कृत्य के रूप में देखा जाना चाहिए और भारत को पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाने के लिए जवाबी कार्रवाई करनी चाहिए।

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