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बिहार: शहीद की तीन बेटियों ने दी जीवन की सबसे कठिन परीक्षा

बिहार के गया शहर के चंदौती स्थित किराए के मकान में शहीद एस के विद्यार्थी की पत्नी अपने चार बच्चों के साथ रहती हैं। पैतृक गांव परैया के बोकनारी से दूर रहने का प्रमुख कारण बच्चों की बेहतर शिक्षा है।

रविवार की देर रात कश्मीर में आतंकी हमले में पिता के शहीद होने की खबर की पुष्टि के बाद भी बच्चों ने सोमवार की परीक्षा नहीं छोड़ी। शहर के डीएवी कैंट एरिया में शहीद लाल की तीनों पुत्रियों ने जिंदगी का सबसे कठिन परीक्षा दी। आठवीं क्लास में पढ़ने वाली बड़ी पुत्री आरती कुमारी की परीक्षा 15 सितंबर से शुरू हुई। अंशु कुमारी (वर्ग 6) और अंसिता (क्लास 2) का इग्जाम 16 सितंबर से चल रहा है। सोमवार को आरती और अंशु ने एसएसटी और छोटी अंसिता ने हिन्दी की परीक्षा दी। 29 सितंबर तक इम्तेहान चलेगा। सोमवार की परीक्षा के बाद बच्चे मां और अन्य परिजनों के साथ गांव बोकनारी चले गए। परिजनों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने शेष विषयों की परीक्षा को माइनेज करने की बात कही।

गर्व है कि पिता शहीद हुए
परीक्षा देकर लौटने के बाद आरती ने कहा कि गर्व है कि उनके पिता शहीद हुए हैं। रविवार की सुबह से मम्मी लगातार टीवी देखती रही। दिनभर चिंता में डूबी रही। शाम में जब श्रीनगर से सीओ का फोन आया कि उनके पिता शहीद हो गए हैं तब से मम्मी लगातार रो रही है।

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