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उरी में सेना पर सबसे बड़ा आतंकी हमला, पढ़िए शहीद जवानों की पूरी लिस्ट

श्रीनगर- जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में स्थित आर्मी बेस पर हुए आतंकी हमले के बाद शहीद 17 जवानों को आज श्रीनगर में आर्मी के बादामी बाग कैम्प में श्रद्धांजलि दी जाएगी। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और सेना प्रमुख दलबीर सुहाग श्रीनगर में हैं।

जम्मू कश्मीर में रविवार को हुए आतंकी हमले में ताजा जानकारी के अनुसार सेना के तीन और जवान शहीद हो गए हैं। टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक इस आतंकी हमले में कुल 20 जवान शहीद हो चुके हैं। हालांकि अभी तक सेना की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। लगभग 18 जवान गंभीर रुप से घायल हैं। कश्मीर में 26 सालों में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर आज पीएम मोदी को उरी हमले की जानकारी देने के लिए मिलने वाले हैं। वहीं केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि सोमवार को श्रीनगर जाएंगे और उरी में आतंकी हमले के मद्देनजर जम्मू कश्मीर में उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करेंगे।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह उरी हमले पर आज 10 बजे उच्च स्तरीय बैठक करने वाले है। इस बैठक में रक्षा मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, आईबी, रॉ चीफ, गृह सचिव, रक्षा सचिव, डीजी बीएसएफ के निदेशक, डीजी सीआरपीएफ और अन्य वरिष्ठ गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के उपस्थित होंगे।

वहीं जवाबी कार्रवाई में सेना ने चार आतंकियों को मार गिराया। ये सभी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए पाकिस्तानी नागरिक थे। रविवार सुबह इंडियन आर्मी के नार्थन कमांड ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर उरी में सेना मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले की जानकारी दी थी।

उन्होंने बताया कि आतंकियों के समूह ने उरी यूनिट के एडमिनिस्ट्रेटिव बेस पर हमला किया है। बताया गया है कि जिस वक्त ये हमला हुआ हमारे जवान टेंट और अस्थायी शिविरों में रह रहे थे। आतंकी आत्मघाती हमलावर बनकर आए थे और उन्होंने इन्हीं टेंटों को निशाना बनाया। आतंकियों द्वारा किए गए धमाकों से तंबू में लगी आग मौतों का मुख्य कारण बनी।

गौरतलब है कि हमला उस समय हुआ जब डोगरा रेजीमेंट के जवान ड्यूटी की अदला-बदली की प्रक्रिया में थे। ड्यूटी खत्म करके लौटे जवान तंबुओं में सो रहे थे। कमांड की ओर से जानकारी के मुताबिक, उरी यूनिट का एडमिनिस्ट्रेटिव बेस काफी बड़ा है और यहां काफी बड़ी संख्या में सैन्य बल रहते हैं।

ड्यूटी आवर्स के बाद जो जवान आराम करते हैं वे इन्हीं अस्थायी टेंटों में रुकते हैं। रात की ड्यूटी से फ्री हुए जवान ही उस समय इन टेंटों में आराम कर रहे थे जब आतंकियों ने हमला बोला। जवान जबतक सजग हो पाते आतंकियों ने कैंप में ग्रनेड फेंककर धमाका कर दिया और टेंटों में आग लगा दिया।

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