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नेत्रहीनों को यहां मिलेगी रोशनी, ट्रांसप्लांट की व्यवस्था भी शुरू

टांडा मेडिकल कॉलेज में जल्द ही आई बैंक खुलेगा। यानी, अब कोई भी डोनर टांडा में अपनी आंखे दान कर सकेगा जिससे किसी नेत्रहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी आ सकेगी। आई बैंक के साथ पहली बार टांडा में आई ट्रांसप्लांट की व्यवस्था भी शुरू हो जाएगी। आई बैंक में लंबे समय तक दान की गई आंखों को संरक्षित किया जा सकेगा।

इससे टांडा में आने वाले नेत्रहीन मरीजों को आपरेशन के बाद दान की गई आंखें ट्रांसप्लांट की जा सकेंगी। आई बैंक की व्यवस्था टांडा में कुछ माह बाद शुरू हो जाएगी। आई बैंक की व्यवस्था शुरू करने की घोषणा स्वास्थ्य मंत्री डा. कौल सिंह ने टांडा मेडिकल कालेज में रोगी कल्याण समिति की बैठक में की।

आई बैंक खुलने से चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, मंडी, बिलासपुर और पठानकोट तक से टांडा में आने वाले नेत्रहीन मरीजों को लाभ होगा। बैठक में कौल सिंह ने कहा कि टांडा अस्पताल में जल्द ही 6 करोड़ 75 लाख रूपये की लागत से ट्रामा सेंटर खोला जाएगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वालों को तुरंत इलाज मिलेगा।

ट्रामा सेंटर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात रहेगी। अगर किसी को सड़क दुर्घटना में सिर में चोट लगती है तो विशेषज्ञ डाक्टर उसका तुरंत इलाज करेंगे। कौल सिंह ने कहा कि टांडा अस्पताल में आउटसोर्स के माध्यम से 50 वार्ड अटेंडेट नौकरी पर रखे जाएंगे।

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