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सूंड ने बताया, आखिर ऐसा क्या हुआ जो सदन में फेंका जूता?

कांग्रेसी विधायक तरलोचन सूंड ने बताया कि उन्होंने पंजाब विधानसभा में जूता क्यों फेंका? उन्होंने वल्टोहा पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि वल्टोहा ने उन्हें जाति सूचक शब्द बोले। इसी वजह से उन्हें गुस्सा आया और उन्होंने वल्टोहा की ओर जूता उछाल दिया। कांग्रेस ने जाति सूचक शब्द कहे जाने की शिकायत राष्ट्रीय एससी आयोग और स्पीकर से की है।

सदन की मीडिया गैलरी में पत्रकारों से बातचीत में सूंड ने कहा कि वह सरकार के खिलाफ दलित विरोधी होने के नारे लगा रहे थे। तभी वल्टोहा ने उन्हें जाति सूचक शब्द बोले। उनके पिता को आतंकवादियों ने मार दिया था, पर वह रोए नहीं। लेकिन उनकी बिरादरी के बारे में कोई बोलेगा, तो वह चुप नहीं बैठेंगे। गुस्से में उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें। उसी स्थिति में उन्होंने जूता फेंक दिया।

वहीं सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा कि सूंड एक गंभीर वर्कर हैं, उनके खिलाफ कभी भी अनुशासनहीनता की शिकायत नहीं मिली है। दलितों के बारे में कोई भी गलत बोलेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। मामले की शिकायत राष्ट्रीय एससी आयोग और स्पीकर से कर दी गई है। कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ रही है। इसी मकसद से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया।

गुरबाणी का उच्चारण किया तो सत्ताधारियों को तकलीफ हुई। प्रस्ताव पर बिना बहस और वोटिंग कराए, उसे गिरा दिया गया। विधानसभा में इतनी गिरावट कभी नहीं देखी। दो रात धरना दिया तो लाइट, रोटी-पानी बंद कर दिया गया। तब सीएम सिर्फ एक फोटोग्राफर को लेकर औपचारिकता निभाने आ गए।

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