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WADA हैकिंग कांड: RIO OLYMPICS में भारत के खाते में आएंगे दो और मेडल!

रियो ओलम्पिक खेलों में भारत को दो और मेडल मिल सकते हैं। जिम्नास्ट दीपा करमाकर और टेनिस मिक्स्ड डबल्स में रोहन बोपन्ना और सानिया मिर्जा को। हालांकि मामला बहुत पेचीदा है लेकिन अगर रूस के एक हैकिंग ग्रुप के दावे सच साबित होते हैं तो हो सकता है कि भारत की झोली में दो पदक और आ जाएं।

क्या है पूरा मामला?
रूस के एक हैकिंग ग्रुप ने आरोप लगाया कि विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने अमेरिकी टेनिस स्टार सेरेना और वीनस विलियम्स और रियो ओलंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट जिमनास्ट सिमोन बाइल्स को प्रतिबंधित पदार्थ लेने की अनुमति दे दी थी। उनका कहना है कि उन्होंने वाडा का डाटाबेस हैक किया है जिसमें उन्हें इसकी जानकारी मिली है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फैंसी बीयर्स की हैकिंग टीम ने दावा किया है कि उन्होंने इंटरनेट पर कथित रूप से अमेरिकी एथलीटों से संबंधित दर्जनों फाइल लीक की है। फैंसी बीयर्स के ग्रुप ने अपनी वेबसाइट पर दावा किया, वाडा के हैक किए गए डाटाबेस की छानबीन के बाद हमें पता चला कि दर्जनों अमेरिकी एथलीट प्रतिबंधित पदार्थ के पॉजिटिव पाए गए थे। इसके मुताबिक, रियो ओलम्पिक पदकधारी नियमित रूप से अवैध दवाएं इस्तेमाल करती थीं जिन्हें चिकित्सा के उपयोग का मंजूरी का प्रमाण पत्र मिला हुआ था। इसके मुताबिक, दूसरे शब्दों में उन्हें डोपिंग का लाइसेंस मिल गया था।

ऐसे मिल सकते हैं भारत को दो और मेडल
जिम्नास्ट सिमोन ने जिस स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था, उसमें चौथे नंबर पर दीपा करमाकर थीं। अब अगर इन दावों को सच मानकर इसकी जांच कराई जाए, और ऐसे में अगर सिमोन दोषी पाई गईं तो उनका गोल्ड मेडल भी छिन सकता है। ऐसे में सिल्वर मेडलिस्ट को उनका गोल्ड, ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को सिल्वर मेडल और चौथे नंबर की दीपा को ब्रॉन्ज मेडल मिल सकता है।

ठीक वैसे हैकिंग ग्रुप ने वीनस विलियम्स पर भी डोपिंग का आरोप लगाया है। वीनस विलियम्स और राजीव राम की जोड़ी ने सिल्वर मेडल जीता था। इस जोड़ी ने सेमीफाइनल मैच में सानिया मिर्जा-रोहन बोपन्ना की भारतीय जोड़ी को हराया था। तो अब अगर यह दावे सही साबित होते हैं और इनकी जांच होती है तो भारत के खाते में दो मेडल और जुड़ सकते हैं।

वाडा डेटाबेस हैकिंग में शामिल होने से रूस का इनकार
वहीं रूस ने वाडा के डेटाबेस में हाल ही में हुए हैकिंग में किसी भी तरह से शामिल होने से इनकार किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोल ने बताया, ‘यह निश्चित तौर पर कहा जा सकता है कि इस मामले में रूस, यहां की सरकार और कोई भी रूसी सेवा शामिल नहीं है।’ हैकर समूह फैंसी बीयर्स ने मंगलवार को वाडा का डाटाबेस हैक करने का दावा करते हुए कहा था कि ‘कई अमेरिकी एथलीटों के परिणाम पॉजीटिव आए’ और रियो ओलंपिक पदक विजेताओं को ‘डोपिंग का लाइसेंस प्राप्त था।’ इसके बाद वाडा ने एक ऑनलाइन बयान में साइबर हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि इस हैकिंग के पीछे रूसी साइबर जासूसी समूह का हाथ है और इसे ‘गैरकानूनी’ तरीके से अंजाम दिया गया।

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