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Jio के आगे झुका एयरटेल, Interconnection पाइंट्स देने को हुआ राजी

रिलायंस जियो के साथ इंटरकनेक्शन पाइंट्स पर चल रहे घमासान के बाद एयरटेल कनेक्टिविटी देने को आखरिकार राजी हो गया है। आइडिया ने इस बात की घोषणा पहले से ही कर दी थी। उधर जियो ने टेलिकॉम ऑपरेटरों के इस आरोप को खारिज किया कि उसके मोबाइल नेटवर्क से ट्रैफिक की ‘सुनामी’ आ जाएगी।

1.5 उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

एयरटेल ने कहा है कि ये पोर्ट नए ऑपरेटर के 1.5 उपभोक्ताओं को समर्थन देने के लिए पर्याप्त होंगे। एयरटेल ने बयान में कहा, ‘हम जियो को उसकी व्यावसायिक पेशकश शुरू होने से कहीं पहले पॉइंट ऑफ इंटरकनेक्ट उपलब्ध करा रहे हैं। इसके साथ ही पीओआई की कुल संख्या मौजूदा पीओआई की संख्या से तिगुना हो जाएगी’।एक दिन पहले ही आइडिया सेल्युलर ने जियो को अधिक पीओआई उपलब्ध कराने की पेशकश की थी। आइडिया ने सोमवार को कहा था कि उसने अग्रसारी तरीके से जियो के साथ क्षमता को बढ़ाकर 65 लाख उपभोक्ताओं तक करने का फैसला किया है। इसके लिए जल्द 196 अतिरिक्त पीओआई जारी किए जाएंगे।

सुनामी वाली बात गलत

रिलायंस जियो इंफोकॉम ने एक बयान में कहा कि रिलायंस जियो का आउटगोइंग ट्रैफिक व्यस्त समय में भी प्रति ग्राहक प्रति घंटा दो कॉल से भी कम है जिसके लिए केवल पीओआई की सीमित संख्या की जरूरत होती है। ये कॉल केवल एक आपरेटर के लिए नहीं हैं बल्कि सभी आपरेटरों में विभाजित हैं। वर्तमान ऑपरेटर इतनी सामान्य कॉल दर को रिलायंस जियो के ट्रैफिक की सुनामी बता रहे हैं, जो कि गलत है।

ट्राई ने किया था हस्तक्षेप

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इस मामले को निपटाने के लिए हस्तक्षेप किया था। नियामक ने चेताया है कि जो दूरसंचार ऑपरेटर सेवाओं की खराब गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एयरटेल ने कहा है कि वह एक जिम्मेदार संगठन है जो नियमनों तथा इंटरकनेक्ट करारों का उसकी शब्द और भावना के अनुरूप अनुपालन करने को प्रतिबद्ध है।

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