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उर्जित पटेल से मिल सकता है दिवाली पर सस्ते लोन का गिफ्ट

रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल करोड़ो देशवासियों को अगले महीने दिवाली से पहले सस्ती ईएमआई का गिफ्ट दे सकते हैं। इससे होम और अन्य लोन की ईएमआई घटेगी और रियल एस्टेट सेक्टर में भी जान आने की संभावना है। 4 अक्टूबर को पटेल पहली बार आरबीआई की मौद्रिक नीति की समीक्षा करेंगे जिसके बाद हो सकता है कि रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की जाएं। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि सरकार ने जो आंकड़े सोमवार को जारी किए हैं उसके अनुसार रिटेल महंगाई में कमी आई है और औद्योगिक उत्पादन दर में भी कमी देखी गई है।

5 फीसदी पर पहुंची महंगाई दर

खुदरा मुद्रास्फीति अगस्त में करीब एक फीसदी घटकर 5.05 फीसदी रही। जुलाई में यह 6.07 फीसदी थी। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है। हालांकि, जुलाई में औद्योगिक वृद्धि दर की गिरावट ने निराश किया है। सोमवार को सरकार की ओर जारी आंकड़ों में यह बात सामने आई है। आंकड़ों के मुताबिक इस साल जुलाई में औद्योगिक उत्पादन दर (आईआईपी) में 2.4 फीसदी की गिरावट आई है। साथ ही इस साल अप्रैल-जुलाई अवधि में भी इसमें 0.2 फीसदी की गिरावट आई है।

विशेषज्ञों ने जताई यह उम्मीद

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि खुदरा महंगाई से राहत और औद्योगिक उत्पादन में सुस्ती को देखते हुए रिजर्व बैंक अगली मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती कर सकता हैं। अगली मौद्रिक समीक्षा 4 अक्तूबर को होगी जो रिजर्व बैंक के नए गवर्नर उजिर्त पटेल की पहली मौद्रिक समीक्षा होगी। जुलाई में विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट ज्यादा देखी गई है। विनिर्माण क्षेत्र की 22 श्रेणियों में 12 में जुलाई में गिरावट देखी गई है। विनिर्माण क्षेत्र देश में सबसे अधिक सीधे तौर पर रोजगार देने वाला क्षेत्र है।

राहत की बात ये है कि खुदरा महंगाई दर रिजर्व बैंक और भारत सरकार के बीच हुए समझौते के मुताबिक तय दायरे (कम से कम 2 फीसदी और ज्यादा से 6 फीसदी) में ही हैं। इकरा की सीनियर इकोनॉमिस्ट अदिति नायर ने मिंट को बताया कि इस हिसाब से रिटेल महंगाई दर बाकी बचे साल में 4-5 फीसदी के बीच रहने की उम्मीद है। आरबीआई ने भी रिटेल महंगाई दर का मार्च 2017 तक का टारगेट 5 फीसदी तय किया था।

अच्छी बारिश से फसलों की बुआई में भी बढ़त

इस साल देश के 86 फीसदी इलाकों में ज्यादा बारिश हुई है जिससे फसलों का बुआई भी बढ़ गई है। सरकार ने कल ही दालों का बफर स्टॉक बढ़ाने की बात भी कही थी, जिससे दालों की बढ़ी हुई कीमतों पर अंकुश लगने की उम्मीद साल के अंत तक की जा सकती है। कृषि मंत्रालय के अनुसार इस साल खरीफ सीजन में 105.4 मिलियन हेक्टयर में खरीफ फसलों की बुआई की गई है जो कि पिछले साल के मुकाबले 4.16 फिसदी ज्यादा है। दालों की बुआई भी 30 फीसदी बढ़ी है।

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