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ईद पर कश्मीर में कर्फ्यू, सुरक्षाबलों के साथ झड़प में युवक की मौत

कई साल में पहली बार मंगलवार को अधिकारियों ने कश्मीर घाटी के सभी 10 जिलों में ईद के मौके पर कर्फ्यू लगा दिया। घाटी में निगरानी के लिए हेलीकॉप्टरों और ड्रोनों को तैनात किया गया है। इस बीच बांदीपोरा जिले में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों के साथ झड़प में एक युवक की मौत हो गई।

अलगाववादियों की ओर से संयुक्त राष्ट्र के स्थानीय अधिकारियों तक मार्च निकालने के आहवान के मद्देनजर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह मार्च संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सत्र की शुरूआत के दिन ही पड़ रहा है। महासभा के सत्र की शुरूआत आज न्यूयार्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पर हो रही है।

अधिकारियों ने कहा कि सेना को तैयार रहने के लिए कहा गया है। यदि घाटी में ताजा हिंसा भड़कती है तो सेना हस्तक्षेप करेगी। घाटी में पिछले दो माह से भी ज्यादा समय से तनाव व्याप्त है और अब तक 75 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों के महत्वपूर्ण स्थानों पर सेना के जवानों को तैनात किया गया है। ये वे इलाके हैं, जहां पूर्व में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए हैं। कर्फ्यू बीती आधी रात से लगाया गया है।

वर्ष 1990 में राज्य में आतंकवाद के पैर फैलाने के बाद से यह संभवत: पहली बार है, जब ईद के मौके पर घाटी में कर्फ्यू लगा है।

सूत्रों ने बताया कि हेलीकॉप्टरों और ड्रोनों के जरिए आसमान से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कुछ इलाकों में लोगों के जुटने पर ड्रोन सुरक्षा बलों को पहले ही चेतावनी दे देंगे।

अलगाववादियों की ओर से हिंसा की आशंका के बीच सुरक्षा बल बड़ी संख्या में सड़कों पर तैनात हैं। विरोध प्रदर्शनों के दौरान अलगाववादी महिलाओं और बच्चों का इस्तेमाल ढाल के तौर पर करते हैं, जिससे इन रैलियों में बड़ी संख्या में नागरिक हताहत होते आए हैं।

आतंकवाद के उभार के बाद 26 साल में यह पहली बार है कि जब यहां ईदगाह और हजरतबल मस्जिदों में ईद की नमाज आयोजित नहीं की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि लोगों को स्थानीय मस्जिदों में नमाज अदा करने की अनुमति होगी।

राज्य में कानून और व्यवस्था की तनावपूर्ण स्थिति के कारण सरकार पहले से ही सभी टेलीकॉम नेटवर्कों की इंटरनेट सेवाओं को बंद करने के आदेश दे चुकी है। सरकारी दूरसंचार सेवा बीएसएनएल के अलावा सभी नेटवर्कों की मोबाइल सेवा भी अगले 72 घंटे तक बंद रहेगी।

आठ जुलाई को सुरक्षा बलों द्वारा हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी को मार गिराए जाने के बाद से यहां मोबाइल सेवाएं प्रतिबंधित हैं। 27 जुलाई को ब्रॉडबैंड इंटरनेट शुरू करके ये सेवाएं आंशिक रूप से बहाल की गई थीं।

विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस ने कर्फ्यू लगाने के फैसले को लेकर सरकार की आलोचना की और कहा कि इससे पार्टी का यह दावा सच साबित हो गया कि महबूबा मुफ्ती की सरकार का हालात पर कोई नियंत्रण नहीं है।

नेशनल कांफ्रेंस के प्रवक्ता ने कहा, पीडीपी इस स्थिति की तुलना 2010 के आंदोलन से करती आई है लेकिन आज से पहले कभी भी ईद जैसे मुबारक मौके पर यहां कर्फ्यू नहीं रहा है।

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