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एक ड्राइवर की बेटी, दूसरी मजूदर की, रिश्ते में बुआ-भतीजी बनेंगी डॉक्टर

एक ड्राइवर की बेटी, दूसरी मजदूर की और रिश्ते में दोनों बुआ-भतीजी। अब दोनों डॉक्टर भी बनेंगी, एमबीबीएस के लिए चुनी गई हैं। नाम हैं तमन्ना मेहरा और उसकी बुआ सरिता मेहरा। हिसार जिले के गांव मोहला की इन दोनों लड़कियों का चयन एमबीबीएस में हुआ है। दोनों ने एक साथ राष्ट्रीय व राज्य स्तर की चिकित्सीय परीक्षा (एमबीबीएस) को क्वालिफाई किया।

तमन्ना ने 16 अगस्त को आए रिजल्ट में ऑल इंडिया कैटेगरी में 101 रैंक प्राप्त किया था। इसके बाद शनिवार को आए स्टेट कोटे के रिजल्ट में उसकी बुआ सरिता ने स्टेट कोटे में 74वां रैंक प्राप्त किया। यह पहला मौका है जब गांव से किसी का चयन एमबीबीएस के लिए हुआ है। बुआ भतीजी के इस शानदार प्रदर्शन से पूरे गांव में खुशी का माहौल है।

तमन्ना ने 12वीं में भी किया था नाम
तमन्ना ने इसी वर्ष पीजीएसडी स्कूल से कक्षा 12वीं में मेडिकल साइंस में जिले भर में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। वहीं उसकी बुआ सरिता ने एक वर्ष ड्रॉप कर मेडिकल की तैयारी की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति सही न होने के बावजूद दोनों ने एक निजी कोचिंग संस्थान से कोचिंग लेकर तैयारी की। तमन्ना के पिता रमेश कुमार ट्रक ड्राइवर हैं। वहीं सरिता के पिता व रमेश के चाचा कृष्ण मेहरा भी गांव में खेतिहर मजदूर हैं।

चिकित्सक बन करनी है गांव की सेवा
तमन्ना और सरिता ने बताया कि उन्होंने दसवीं की पढ़ाई गांव के ही स्कूल से की थी। अब दोनों का सपना चिकित्सक बनकर गांव की सेवा करने का है। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस में दाखिले के लिए एकाग्र होकर पढ़ाई की थी। इसलिए वे दाखिला ले पाई हैं।

तमन्ना का दाखिला पीजीआई रोहतक और सरिता का दाखिला खानपुर कॉलेज में हुआ है। दोनों ने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने संयुक्त परिवार को देते हुए बताया कि परिवार के सहयोग, प्रोत्साहन व प्रेरणा की बदौलत वे आज इस मुकाम पर पहुंची हैं।

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