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जेएनयू की बदनामी से नाखुश दिखे छात्र, एबीवीपी को मिल सकता है फायदा

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के लाल दुर्ग में लिंगदोह की सिफारिशों के तहत शुक्रवार को छात्रसंघ चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। छात्रों की गर्मजोशी के चलते करीब 60 फीसदी मतदान हुआ। शाम साढ़े पांच बजे के बाद पोलिंग बूथ के गेट बंद कर दिए गए। हालांकि, लाइन में लगे वोटरों को उनके मतदान के अधिकार देने के चलते लगभग 6 बजे तक मतदान चलता रहा। इसी के साथ सेंट्रल पैनल के 18 और स्कूल काउंसलर पदों के लिए 80 उम्मीदवारों का भविष्य बैलेट बॉक्स में बंद हो गया। शुक्रवार देर शाम मतदान के बाद मतगणना भी शुरू हो गई। सेंट्रल पैनल और स्कूल काउंसलर्स पद के विजेताओं के नाम शनिवार देर शाम से आने की संभावना है।

जेएनयू चुनाव समिति की मुख्य चुनाव आयुक्त इशिता मन्ना के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेस (एसएसएस), स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज (एसओएल) स्कूल ऑफ साइंसेस (एसआईएस) के चार सेंटरों में 14 मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतदान शांतिपूर्वक संपन्न होते ही देर रात को मतगणना प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जोकि रात-दिन जारी रहेगी।

शनिवार को स्कूल काउंसलर्स और सेंट्रल पैनल के विजेताओं के नाम सामने आ जाएंगे। हालांकि, जेएनयू में चुनाव का प्रतिशत कितना फीसदी रहा, यह अधिकारिक आंकड़ा तो रिजल्ट आने के बाद ही पता चल सकेंगे, लेकिन प्रारंभिक सूचना के मुताबिक लगभग 60 फीसदी तक मतदान हुआ है।

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