cemra-mh1-mhone

कार में रियर व्यू कैमरा होना जरूरी, जल्द जारी होगा नोटिफिकेशन

वाहनों के रिवर्स गियर में चलते समय विशेषकर छोटे बच्चों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं के मद्देनजर सरकार सभी नए वाहनों में रियर व्यू सेंसर या बैक कैमरा शीघ्र ही अनिवार्य करने वाली है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

ब्लाइंड स्पॉट पर काम नहीं करता है मिरर

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के प्रति समर्पित स्वयंसेवी संगठन इंटरनेशनल रोड फेडरेशन (आईआरएफ) द्वारा यहां आयोजित वल्र्ड रोड्स मीट में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव अभय दामले ने कहा कि अधिकांश कारें रियर व्यू मिरर से लैस होती हैं जो पीछे किसी अन्य वाहन को देख पाने में सक्षम बनाता है। लेकिन, यह कार के ब्लाइंड स्पॉट में आ जाने वाले छोटे बच्चों या जमीन से लगी किसी छोटी वस्तु को देख पाने में अक्षम हो जाता है।

ज्यादा स्पीड करने पर गाड़ियों से आएगी आवाज

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय सभी वाहनों में रियर व्यू सेंसर अनिवार्य करने संबंधी अधिसूचना शीघ्र ही जारी करेगा। मंत्रालय सभी वाहनों में गति की चेतावनी देने वाली आवाज को भी अनिवार्य करने जा रहा है। रियर व्यू सेंसर और गति चेतावनी के साथ ही सभी वाहनों में एयर बैग भी अनिवार्य किया जाएगा।

1 अक्तूबर 2018 से सभी वाहनों को ऑटोमेटेड जांच से गुजरना होगा जिसमें मानवीय दखलअंदाजी समाप्त हो जाएगी। ड्रार्इंवग लाइसेंस जांच को भी तब तक पूरी तरह मशीन आधारित कर दिया जाएगा। इससे जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। सरकार ने 1 अक्तूबर 2017 से सभी नई कारों में एयरबैग भी अनिवार्य कर दिया है।

महंगी कारों में पीछे की ओर एक कैमरा के साथ सेंसर भी लगा होता है। यह डैशबोर्ड पर लगी स्क्रीन से जुड़ा होता है। कारचालक जब गाड़ी पीछे (बैक गियर) करता है तो स्क्रीन पर पीछे जमीन से लेकर एक खास दूरी तक स्पष्ट दिखाई देता है। जब भी पीछे कोई वस्तु उसकी रेंज में आती है तो सेंसर बीप की आवाज के जरिये चालक को चेतावनी देता है। इससे ड्राइवर को स्क्रीन पर पीछे का हिस्सा नजर आता है।

दोपहिया में पहले से जारी है एबीएस और सीबीएस

सरकार ने पहले अप्रैल 2019 तक सभी दोपहिया वाहनों में एंटी-लॉक ब्र्रेंकग सिस्टम (एबीएस) या कंबाइंड ब्र्रेंकग सिस्टम (सीबीएस) रखना अनिवार्य कर दिया है। एबीएस वर्तमान में महंगी कारो में होता है। अचानक ब्रेक लगाने पर एबीएस वाहन को फिसलने से रोकता है और चालक का नियंत्रण स्टीयरिंग पर बना रहता है। वहीं सीबीएस में अगला या पिछला कोई ब्रेक लगाने पर दोनो ब्रेक एक साथ लगते हैं।

Share With:
Rate This Article