Protest-Mh1-Mhone

जम्मू की सड़कों पर मजदूरों के हक की गूंज

जम्मू में शुक्रवार को दिनभर सड़कों पर मजदूरों के हक की आवाज गूंजती रही। सीटू और इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन कमेटी (आर) व जेएंडके को-आर्डिनेशन कमेटी आफ ट्रेड यूनियन (जेकेसीसीटी) के आह्वान पर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शित किया।

मेडिकल रिप्रजेंटेटिव ने भी प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। उधर, राष्ट्रीय बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्रों की बीमा कंपनी में देशव्यापी हड़ताल का मिला जुला-असर रहा।

न्यूनतम 18 हजार हो मुलाजिमों का वेतन
न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करने, क्लरिकल स्टाफ की वेतन विसंगतियों को दूर करने व अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर इंप्लाइज ज्वाइन एक्शन कमेटी (आर) और जेएंडके को-आर्डिनेशन कमेटी आफ ट्रेड यूनियन (जेकेसीसीटी) ने शुक्रवार को आल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट इंप्लाइज फेडरेशन की हड़ताल का समर्थन करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।

ईजेएसी के प्रधान बाबू हुसैन मलिक और जेकेसीसीटीयू के प्रधान मोहम्मद मकबूल के नेतृत्व में कर्मचारी उद्योग भवन में एकजुट हुए। यहां सभी ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बाबू हुसैन मलिक ने कहा की सरकार की नीतियां पूरी तरह से कर्मचारियों के विरोध में है।

अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी बनाने के लिए सरकार ने आज तक कोई योजना तैयार नहीं की है। सातवां वेतन आयोग लागू करने से सरकार ने इंकार कर दिया है, जबकि आसमान छूती महंगाई में कम वेतन काम करना बहुत मुश्किल हो चुका है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि न्यूनतम वेतन कम से कम 18 हजार रुपये किया जाए।

Share With:
Rate This Article