Court-MH1-Mhone

कोर्ट ने कहा आपसी सहमति से बना शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं’

व्यस्क महिला व पुरुष की आपसी सहमति से बना शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं है। यह टिप्पणी विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में आरोपी युवक को बरी करते हुए की।

युवती ने बयान में कहा कि वह आरोपी से प्रेम करती थी और शादी करना चाहती थी। उन दोनों के बीच संबंध उसकी सहमति से बने थे।

कड़कड़डूमा जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरिता बीरबल ने कहा ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि आरोपी ने युवती को धमकी दी या उसे निवस्त्र किया।

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