Manohar-Mh1-Mhone

सीमा पार से कश्मीर में एक्सपोर्ट किये जा रहे हैं आतंकवाद और हिंसा: पर्रिकर

अमेरिका की यात्रा पर सोमवार को पेंटागन पहुंचे रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। कश्मीर में जारी हिंसा और तनाव पर उन्होंने साफतौर पर सीमा पार की ताकतों को जिम्मेदार बताया है। पर्रिकर ने इए भी इलज़ाम लगाया कि घाटी में पड़ोसी देश के बहकावे में आकर कुछ प्रतिशत लोगों ने ज्यादातर लोगों को बंधक बना रखा है।

पर्रिकर ने कहा कि सरकार राज्य में हिंसा से निपटने के लिए काफी सक्रियता से काम कर रही है। पेंटागन में मीडिया से बातचीत के दौरान पर्रिकर ने कहा, जहां तक कश्मीर की बात है, भारत सरकार सीमा पार से आने वाली हिंसा से निपटने के लिए बेहद सक्रिय रही है। कश्मीर की मौजूदा स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कफ्र्यू पहले ही हटा दिया गया है और एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भी घाटी जा रहा है। उन्होंने कहा, वास्तव में कश्मीर में एक ऐसी सरकार है, जिसे लोकतांत्रिक तरीके से चुना गया है और मुख्यमंत्री घाटी से ही हैं।

दोनों देशों में हुए महत्वपूर्ण समझौते
बता दें कि अमेरिका और भारत के बीच सोमवार लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एलईएमओए) हो गया। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच एक दशक से ज्यादा समय तक चर्चा चलने के बाद इस समक्षौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। पेंटागन में पर्रिकर और कार्टर ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किये। इसके बाद कार्टर के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में पर्रिकर ने संवाददाताओं से कहा, भारत में किसी भी सैन्य अडडे को स्थापित करने या इस तरह की किसी गतिविधि का कोई प्रावधान नहीं है। एलईएमओए भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच प्रतिपूर्ति के आधार पर साजो-सामान संबंधी सहयोग, आपूर्ति और सेवाओं का प्रावधान करता है। यह इनके संचालन की रूपरेखा उपलब्ध कराता है। इसमें भोजन, पानी, घर, परिवहन, पेट्रोल, तेल, कपड़े, चिकित्सीय सेवाएं, कलपुर्जे, मरम्मत एवं रखरखाव की सेवाएं, प्रशिक्षण सेवाएं और अन्य साजो-सामान संबंधी वस्तुएं एवं सेवाएं शामिल हैं।

Share With:
Rate This Article