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फर्स्ट सेमेस्टर में 90 फीसदी से ज्यादा स्टूडेंट्स फेल, एचपीयू पर उठे सवाल

एचपीयू के कारनामे ने एक बार फिर विद्यार्थियों को मुसीबत में डाल दिया है। कई माह की देरी के बाद शनिवार को घोषित रूसा पहले सेमेस्टर के परिणाम में अधिकतर छात्र फेल हैं। छात्र संगठनों का दावा है कि फर्स्ट सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में 90 फीसदी से अधिक विद्यार्थी फेल हैं।

वेबसाइट से डाउनलोड रिजल्ट कार्ड में इंटरनल असेसमेंट और थ्योरी परीक्षा अंक के आगे स्टार लगे हैं। इससे परीक्षा में अपीयर करीब 40 हजार छात्र-छात्राएं परेशान हैं। परिणाम आधिकारिक तौर पर 32 हजार छात्रों का ही घोषित हुआ है। जिनका हुआ है, उनमें अधिकतर फेल हैं। छात्र कारणों का पता लगाने को विवि पहुंचने शुरू हो गए हैं।

एक साथ इतनी तादाद में छात्रों के फेल होने के लिए तकनीकी खामी को कारण माना जा रहा है। वहीं, इसके कारणों का पता लगाने को परीक्षा नियंत्रक की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर जांच शुरू कर दी है। संजौली कॉलेज में भी अधिकतर छात्र रूसा गाइडेंस ब्यूरो में परिणाम घोषित न होने और परिणाम में स्टार लगा होने की शिकायत लेकर आ रहे हैं। एचपीयू में भी सोमवार से भीड़ जुटनी शुरू हो गई।

अक्तूबर में अंक विभाजन अनुपात बदलाव के बाद हुई थी पहली परीक्षा
अक्तूबर और नवंबर 2015 में यूजी कोर्स में इंटरनल असेसमेंट, थ्योरी परीक्षा के अंक विभाजन के अनुपात को 50:50 से बदलकर थ्योरी में 70 और इंटरनल असेसमेंट में 30 किया गया। इसके बाद यह पहली परीक्षा हुई थी। नई प्रणाली में छात्र को थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट दोनों में 45-45 फीसदी अंक लेना जरूरी था। पहले दोनों का 45 फीसदी काफी होता था।

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