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तीन सीमेंट कंपनियों पर छह करोड़ टैक्स और जुर्माना

प्रदेश में सीमेंट बनाकर यहीं महंगा बेचने वाली तीन सीमेंट कंपनियों पर आबकारी एवं कराधान विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पांच साल में कच्चे माल पर एंट्री टैक्स न देने पर कंपनियों को छह करोड़ टैक्स और जुर्माना लगाया है। जुलाई 2016 के अंत में कंपनियों को नोटिस जारी कर एक माह में जुर्माने और कर अदायगी की हिदायत थी।

दो कंपनियों ने गलती स्वीकार कर पांच करोड़ 25 अगस्त से पहले जमा करवाए। एक कंपनी ने कुछ मोहलत मांगी है। जांच में पाया गया है कि पांच साल में कंपनियों ने बाहरी राज्यों से करीब 380 करोड़ का पेट कोक/ कोल (कोयला) मंगवाकर उत्पादन किया है। तैयार माल बाहरी राज्यों में बेचा है।

सरकार ने जनवरी 2011 को प्रदेश में आयातित कच्चे माल एवं उद्योगों में प्रयोग होने वाले अन्य पदार्थों पर 2 फीसदी एंट्री टैक्स लगाया। शुरू में कुछ ईंधनों कोक/ कोल (कोयला) को टैक्स से बाहर रखा था। जुलाई 2011 में एंट्री टैक्स में संशोधन किया गया।

इसमें एंट्री टैक्स 2 फीसदी से कम कर 1 फीसदी किया। ईंधनों कोक/ कोल (कोयला) पर मिलने वाली छूट समाप्त कर दी। सीमेंट कंपनियां अन्य कच्चे माल पर टैक्स देती रहीं, लेकिन ईंधन आदि पर जुलाई 2011 के बाद किसी कंपनी ने टैक्स नहीं दिया। रिटर्न स्क्रूटनी के दौरान यह मामला पकड़ा गया।

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