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कश्मीर हिंसा ने महिलाओं को डिप्रेसन में डाला

कश्मीर में चल रही अशांति ने महिलाओं और युवतियों को मानसिक तनाव का शिकार बना दिया है। हालांकि इसमें हर एक वर्ग शामिल है, लेकिन सबसे ज्यादा असर महिलाओं, युवतियों और छोटी बच्चियों पर पड़ा है।

बंद कमरे में गुजर रही जिंदगी से महिलाएं और युवतियां तनाव में हैं। ऐसे माहौल ने उन्हें चिड़चिड़ा बना दिया है। यही नहीं, पेलेट गन से घायल हुई महिलाएं एवं युवतियां डिप्रेशन में हैं। राज्य महिला आयोग ने हिंसा के बीच जिंदगी बसर कर रही महिलाओं की पड़ताल की तो यह सब सामने आया।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नईमा अमहद मेहजूर का कहना है कि जहां भी जा रहे हैं, वहीं महिलाओं और युवतियों का अलग ही बर्ताव देखने को मिल रहा है। वह बात करने की जगह लड़ाई करने पर उतर आती है। इसका असर सिर्फ उन पर ही नहीं, बल्कि उनके परिवार पर पड़ रहा है। जरा-जरा सी बात पर पारिवारिक झगड़े हो रहे हैं। महिलाओें को ऐसे माहौल से निकालना होगा।

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