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आठवीं की छात्रा से दुराचार करने के दोषी को उम्रकैद की सजा

दुष्कर्म के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने वाले रविंद्र शर्मा को प्रदेश हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने राज्य सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए यह सजा सुनाई। मामले के अनुसार आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली पीड़िता के साथ दोषी ने उस वक्त दुष्कर्म किया जब वह घर के समीप बावड़ी से पानी लेने गई थी।

कुल्लू जिला में यह घटना 15 दिसंबर 2009 को घटी थी। दुष्कर्म से आहत इस नाबालिग पीड़िता ने 2 जनवरी की रात को गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस स्टेशन बंजार में मामला दर्ज होने के बाद दोषी के खिलाफ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुल्लू के समक्ष ट्रायल चलाया गया। निचली अदालत में सरकार दोषी को सजा दिलाने में असफल रही।

सरकार ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुल्लू के 28 जुलाई 2010 के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने दोषी रविंद्र शर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई। गौरतलब है कि विशेष न्यायाधीश कुल्लू ने हाल ही में एक अन्य नाबालिग को अगवा करने के बाद गैंगरेप में संलिप्त होने के कारण 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इस कारण दोषी पहले से ही केंद्रीय जेल नाहन में बंदी है।

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