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दिल्ली: छेड़खानी का विरोध करने पर लड़की को घर में घुसकर जिंदा जलाया

दिल्ली में एक युवती के छेड़खानी का विरोध करने पर उसे घर में घुसकर जिंदा जलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. दिल्ली के भलस्वा डेरी की इस घटना में पीडित लड़की 70 प्रतिशत से ज्यादा झुलस चुकी हैं. बता दें कि आरोपी युवक ने अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ मिलकर युवती को जला दिया। पुलिस ने आरोपी युवक को उसके भाई और चाचा के साथ गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि आरोपी अभिषेक के पिता, भाई और तीन दोस्त फरार हैं।

मुकुंदपुर सी ब्लाक में 20 साल की रश्मि (बदला हुआ नाम) रहती है। परिवार में माता पिता के अलावा दो भाई बहन हैं। पास की वाल्मीकि कालोनी में रहने वाला अभिषेक करीब एक महीने से उसे राह चलते परेशान करता रहता था। जब बात असहनीय हो गई तो रश्मि ने मामले की जानकारी अपने भाई को दी। भाई ने शनिवार को ही अभिषेक को ऐसा नहीं करने को समझाया था।

शनिवार शाम करीब आठ बजे अभिषेक, अपने पिता कन्हैया, चाचा विजय, भाई करन एवं अन्य दोस्तों के साथ रश्मि के घर पर हमला कर दिया। पहले इन लोगों ने युवती के भाई और मां को शाकर, लाठी डंडों से बुरी तरह पीटा। दोनों पिटाई से बेहोश हो गए।

हमलावरों को देखकर रश्मि पहली मंजिल पर भाग गई। इसके पीछे अभिषेक, करन और अन्य युवक पहुंचे। उन्होंने घर में रखे किरोसीन का तेल रश्मि पर छिड़ककर आग लगा दी। भीड़ जुटने पर हमलावर फरार हो गए। इस घटना में बुरी तरह जली हुई रश्मि को पहले बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसके बाद एलएनजेपी अस्पताल भेज दिया गया। डाक्टरों के मुताबिक वह 70 फीसदी जल चुकी है।

बचाने आने वालों को भी नहीं छोड़ा
परिवार की चीख पुकार सुनकर पवन नाम का पड़ोसी इन्हें बचाने पहुंचा। हमलावरों ने उसे भी बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया। फिलहाल तीनों घायलों का इलाज चल रहा है।

शादी करने का दबाव बना रहे थे
जिंदगी और मौत के बीच झूल रही पीड़िता ने बताया कि अभिषेक उससे शादी करने का दबाव बना रहा था। आरोपी रास्ते में जब भी मिलता उससे यही बात करता और छेड़खानी करता था। वह हमेशा उससे दूर रहने की कोशिश करती थी। लगातार एसएमएस भेजता था। शनिवार को आरोपी ने उसे मिलने के लिए बुलाया और नहीं आने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद रश्मि ने मामले की जानकारी परिवार को दी।

पुलिस ने छेड़छाड़ की बात नहीं लिखी
रश्मि के भाई ने बताया कि पुलिस ने जानबूझकर छेड़छाड़ की बात एफआईआर में नहीं दर्ज कराई। उनपर दबाव बना कर उसे हटवा दिया गया। इस पूरे मामले में इलाके के कांस्टेबल दीपक की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में हत्या का प्रयास और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

 

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