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भाजपा को फिर से कद दिखाने की तैयारी में ‘ट्रेजडी किंग’, 11 को महारैली

विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह मंत्रालय बदले जाने के बाद एक बार फिर से ताकत दिखाने की तैयारी में हैं।

11 सितंबर को जींद में रैली कर बीरेंद्र सिंह दो साल में दूसरी बार भाजपा के सामने अपनी ताकत तोलेंगे। रैली में भीड़ जुटाकर वे दिखाना चाहते हैं कि हरियाणा में आज भी भाजपा में उनके मुकाबले का कद्दावर नेता नहीं है। रैली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आएंगे, ऐसे में वे कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाह रहे हैं। रैली के जरिए केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का गुणगान किया जाएगा।

भाजपा में शामिल होने से पूर्व ही चौधरी बीरेंद्र सिंह ने 16 अगस्त 2014 को जींद में रैली कर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को बुलाया था। इस रैली में उनकी पत्नी प्रेमलता ने ही भाजपा की सदस्यता ली। इसके बाद 29 अगस्त को चौधरी बीरेंद्र सिंह भी भाजपा की सदस्यता लेकर औपचारिक रूप से कमल के साथ हो लिए।

हालांकि पहली रैली से ही भाजपा नेतृत्व चौधरी बीरेंद्र सिंह के कद और उनकी साफ राजनीतिक छवि का कायल है और इसी के चलते उन्हें केंद्र में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री भी बनाया गया। बेशक पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग बड़ा मंत्रालय है, लेकिन बीरेंद्र सिंह के मुख्यमंत्री बनने की कसक उनके दिल से जुबां पर आती रही है और कई मंचों पर वे इसका अहसास करा चुके है। केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल के बाद बीरेंद्र सिंह को इस्पात मंत्रालय दे दिया गया। सरकार के इस फैसले से वह अंदरूनी तौर पर नाखुश थे, लेकिन सार्वजनिक तौर पर विरोध नहीं किया। जींद में पिछले दिनों एक कार्यक्रम में बीरेंद्र सिंह ने यह कहकर संतोष व्यक्त किया था कि इस्पात मंत्रालय बहुत बड़ा है और सरकार ने उनका कद देखकर ही यह जिम्मेदारी सौंपी है। अब वे 11 सिंतबर को होने वाली गौरव रैली के जरिए वास्तविक कद दिखाना चाह रहे हैं और जोरशोर से प्रचार में जुटे हैं।

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