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ALERT : चौंका देने वाला रिसर्च, बच्चों में बढ़ रहा कैंसर का खतरा

कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी बच्चों को भी अपने चपेट में ले रही है। कई सालों से चाइल्डहुड कैंसर पर रिसर्च कर रही स्पेन की नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट ने एक रिपोर्ट जरिए जानकारी दी है कि बच्चों में होने वाले कैंसर वयस्कों की तुलना में अलग तरह के होते हैं। बच्चों में होने वाले कैंसर विभिन्न प्रकार हैं; जैसे ल्यूकीमिया, ब्रेन एंड अदर सेंट्रल नर्वस सिस्टम ट्यूमर, न्यूरोब्लास्टोमा, लिम्फोमा, रैब्डोमायोसरकोमा, रेटिनोब्लास्टोमा, बोन कैंसर आदि जिनसे बच्चों को अधिक खतरा है।

क्या है कैंसर होने का कारण?
युवा, वयस्क और वृद्धों में अमूमन कैंसर के लक्षण देखने को मिलते हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में दुनियाभर के कई बच्चों में भी कैंसर की शिकायतें मिली हैं। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी बॉडी के अलग-अलग हिस्सों में सामान्य कोशिकाओं के अनियंत्रित वृद्धि के वजह से होता है। नॉर्मल सिचुएशन में ऐसे सेल्स कंट्रोल में होते हैं। कभी-कभी नॉर्मल सेल्स के अंदर डीएनए मॉलीक्यूल्स में अपरिवर्तनीय क्षति के कारण कर्सिनोजन हमला कर देते हैं। जिससे हमारे शरीर में कैंसर जैसी बीमारी जगह लेने लगती है। कम उम्र या बचपन में ऐसे लक्षण मिलने पर चाइल्डहुड कैंसर कहलाता है।

क्या हैं आंकड़ें?
एक रिपोर्ट के अनुसार अनुमान लगाया गया है कि चाइल्डहुड कैंसर के कारण हर साल 1.75 लाख बच्चों की मौत हो जाती है। एक अनुसंधान द्वारा जानकारी मिली है कि चाइल्डहुड कैंसर से मरने वाले बच्चों की मृत्यु दर लगभग 20 फीसदी थी, जिसमें 0.6 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है।

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