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RIO: पहलवान साक्षी मलिक ने थामा तिरंगा, भारतीय खेमे की अगुवाई की

पहलवान साक्षी मलिक ने रियो ओलंपिक में भारत के पदक का खाता खोला था। ओलंपिक खेलों के समापन समारोह में साक्षी ने चेहरे पर संतोष और खुशी के भाव के साथ ध्वजवाहक बनने का गौरव हासिल किया।

ब्राजील के माराकाना स्टेडियम में 31वें ओलंपिक खेलों के समापन समारोह का आयोजन किया गया जहां भारतीय ध्वजवाहक बनने का गौरव इस बार साक्षी को मिला। अपनी भारतीय जर्सी में साक्षी चेहरे पर कुछ करने के संतोष और देश को पदक दिलवाने की खुशी के साथ स्टेडियम में आईं।

लगातार हो रही बारिश के बीच जब भारतीय दल स्टेडियम में पहुंचा तो अधिकतर ने रेन कोट पहने थे और उनके हाथ में तिरंगा था। दल के साथ अधिकारी और कोच भी मौजूद थे जिनका स्टेडियम में बैठे लोगों ने तालियों के साथ स्वागत किया।

रियो ओलंपिक में लगातार पदक से चूक रहे भारतीय खिलाड़ियों के बीच साक्षी ने कुश्ती में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इन खेलों का पहला पदक दिलवाया था। उनकी कामयाबी के बाद भारतीय दल प्रमुख राकेश गुप्ता ने बताया कि समापन समारोह में भारतीय ध्वजवाहक साक्षी को बनाया जाएगा। कुश्ती में भारत को कई पदकों की उम्मीद थी लेकिन अकेली साक्षी ही पदक जीतने में कामयाब रहीं जबकि गोल्ड मेडल की उम्मीद माने जा रहे योगेश्वर दत्त क्वालिफाइंग राउंड में ही बाहर हो गए।

वहीं इन खेलों में दूसरा पदक बैडमिंटन में पी. वी. सिंधु ने दिलाया। उन्होंने सिल्वर मेडल जीता। लेकिन वह हैदराबाद के लिए जल्दी निकल गईं जिससे समापन समारोह में हिस्सा नहीं ले सकीं। भारत ने रियो ओलंपिक में इस बार अपना सबसे बड़ा 118 सदस्यीय दल उतारा था, लेकिन केवल दो महिला खिलाड़ी ही पदक जीतने में कामयाब रहीं।

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