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बोल्‍ट ने लगाई गोल्‍ड की हैट्रिक, 9 गोल्ड के साथ रचा इतिहास

धरती के सबसे तेज धावक, अविश्वसनीय एथलीट और खुद को दिग्गज बता चुके जमैका के यूसेन बोल्ट ने अपने सपने को पूरा करते हुये रियो ओलंपिक में 4×100 मीटर रिले दौड़ में भी गोल्ड मेडल जीतने के साथ ‘स्प्रिंट स्वीप’ कर ली है।

बोल्ट ने रियो ओलंपिक शुरू होने से पहले कहा था कि वह अपने आखिरी ओलंपिक खेलों में ‘स्प्रिंट स्वीप’ करना चाहते हैं और यही उनका सपना है। बोल्ट ने फर्राटा दौड़ 100 और 200 मीटर के बाद 4×100 मीटर रिले स्वर्ण भी जीत लिया है जो उनकी इन तीनों रेसों में बीजिंग और लंदन ओलंपिक के बाद लगातार तीसरी ओलंपिक स्वर्णिम हैट्रिक है। दो दिन पहले 30 सोल के हुये बोल्ट का रियो ओलंपिक में ये लगातार तीसरा गोल्ड मेडल और कुल 9वां ओलंपिक गोल्ड है।

दुनिया के महान एथलीट बोल्ट ने जमैकन टीम की अगुवाई करते हुए 4×100 मीटर रिले में गोल्ड मेडल हासिल किया। जमैका की टीम ने 37.27 सेकेंड में रेस पूरी करते हुये पहला स्थान हासिल किया। जापान की टीम ने 37.60 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहकर रजत हासिल किया जो उनका ओलंपिक स्प्रिंट रिले में पहला पदक है। वहीं 37.64 सेकेंड के साथ कनाडा तीसरे स्थान पर रहा और ब्रोन्ज मेडल जीता।

धरती के सबसे तेज धावक बन चुके बोल्ट ने अपनी टीम के लिये एंकर लेग में दौड़ लगाई और लगातार तीसरी बार जमैका को 4×100 मीटर रिले दौड़ का स्वर्ण पदक भी दिला दिया। बोल्ट अब अपने नौ ओलंपिक स्वर्ण पदकों के साथ ओलंपिक इतिहास के ट्रैक एंड फील्ड के सबसे सफल एथलीटों की श्रेणी में भी शामिल हो गये हैं। उन्होंने 20वीं सदी में लंबी दूरी के धावक पावो नूर्मी तथा अमेरिकी धावक ओर लांग जंपर कार्ल लुईस के नौ पदकों की भी बराबरी कर ली है।

गोल्ड के साथ अपने ओलंपिक करियर को अलविदा कहने वाले बोल्ट ने कहा कि अब मैं कह सकता हूं कि मैं महान हूं। मैं बहुत राहत महसूस कर रहा हूं कि ऐसा हो गया। मैं बहुत खुश हूं और खुद पर गर्व महसूस कर रहा हूं। यह सच हो गया है। मेरे ऊपर बहुत दबाव था। मैं इस जीत को बड़ी उपलब्धि मानता हूं।

वहीं जापान के लिये रयोटो यामागाटा ने ओपनिंग लेग में दौड़ लगाई और टीम को रजत जीतने में मदद की जो जापान का ओलंपिक स्प्रिंट रिले में पहला पदक है। टीम ने इसी के साथ क्वालिफाइंग में कायम किये एशियाई रिकॉर्ड में भी सुधार किया वहीं कनाडा ने 37.64 सेकेंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए कांस्य पदक हासिल किया जो आंद्रे डी ग्रासे का रियो में तीसरा पदक है। उन्होंने 100 मीटर में ब्रोंज और 200 मीटर में सिल्वर मेडल जीता है।

लेकिन यह रेस अमेरिका के लिये दिल तोड़ने वाली रही जब ट्रेवोन ब्रामेले बहुत ही आक्रामकता के साथ आगे आये कि वह लगभग झुक ही गये और अमेरिकी टीम को लगा कि 37.62 सेकेंड के साथ वह कांस्य जीत गये हैं। लेकिन स्थिति तब खराब हो गई जब उन्हें त्रिनिदाद एंड टोबैगो के साथ अयोग्य करार दे दिया गया। टीवी पर तस्वीरों से साफ हुआ कि ब्रोमेल गलती से बोल्ट की लेन में आ गये हैं।

पूर्व विश्व रिकॉर्डधारी अमेरिकी धावक टाइसन गे ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि हम इस मामले में अपील कर सकते हैं, लेकिन हमें अयोग्य करार दे दिया गया। लेकिन हम फिर भी अपील करने पर विचार कर रहे हैं।

रेस में जमैकन टीम में असाफा पावेल, योहान ब्लेक, निकले एश्मांडे ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और दो बार के विश्व रिकॉर्डधारी के काफी करीब रहे। लेकिन बोल्ट ने आखिरी पांच मीटर में जापान के अस्का कैमब्रिज को पीछे छोड़ते हुए अपना काम पूरा किया।

बोल्ट को ओसाका में साल 2007 में हुई विश्व चैंपियनशिप में 200 मीटर रेस में हराने वाले एकमात्र खिलाड़ी टाइसन ने अपनी टीम के अयोग्य करार दिये जाने पर गहरी निराशा जताई लेकिन साथ ही बोल्ट की जमकर तारीफ भी की। उन्होंने कहा वह महान धावक हैं। उनके लिये बस यही कहा जा सकता है। वह जिस तरह के इंसान है उसे शब्दों में बयान ही नहीं किया जा सकता है। उन्होंने जो किया वह काबिलेतारीफ है।

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