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अलगाववादियों के मंसूबे नाकाम, कश्मीर में ‘जनमत संग्रह रैली’ विफल

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जनमत संग्रह की मांग को लेकर अलगाववादियों की ऐतिहासिक लाल चौक तक आहूत रैली को आज विफल कर दिया।

अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों ने शनिवार और रविवार को लाल चौक तक‘जनमत संग्रह रैली’का आह्वान किया था। हुर्रियत कांफ्रेंस ने हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद नौ जुलाई से ही बंद का आह्वान कर रखा है और उसने 18 अगस्त तक अपनी हड़ताल बढ़ा दी है।

हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों के नेता सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज मौलवी उमर फारूक अब भी नजरबंद हैं जबकि जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक श्रीनगर केन्द्रीय कारागार में बंद है।

श्रीनगर में नौ जुलाई से ही कर्फ्यू, हड़ताल और पाबंदियों के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। पुलिस ने लाल चौक जाने वाले सभी सड़कों को बंद कर दिया और रैली को नाकाम करने के लिए सभी सड़कों के बीच में बुलेटप्रूफ वाहन तैनात कर दिए। बुलेटप्रूफ जैकेट पहने और स्वचालित हथियार लिए सुरक्षाबलों को भारी संख्या में सड़कों पर तैनात किया गया। वैध पास वाले मीडियाकर्मियों को ही आने-जाने की अनुमति दी गई।

मौलाना आजाद रोड पर गोल्फ क्रॉसिंग पर प्रतिबंध लागू कर दिए गए हालांकि वैध पास वाले वाहनों को सिविल लाइन्स की ओर जाने की अनुमति दी गई।

लाल चौक की तरफ जाने वाला अमीरा कदल पुल आज दूसरे दिन भी बंद रहा। कोर्ट रोड, कोकर बाजार, अबी गुजर, जंगलेट गली, मैसुमा, हाजी मस्जिद और बादशाह चौक के निवासियों को घरों के अंदर रहने के निर्देश दिए गए हैं। मेन एक्सचेंज रोड जहां कई मीडिया कार्यालय है, उसे भी कांटेदार तार से बंद कर दिया गया और यहां तक कि मीडियाकर्मियों को भी बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी गई।

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