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लवमैरिज करने पर बेटी-दामाद को काटा, ‘दरिंदे’ मां-बाप और भाई को देखिए

जिस बेटी को नाज से पाला, जिस बहन से राखी बंधवाई। उसे लवमैरिज महंगी पड़ी। उसकी और उसके पति की हत्या कर मां-बाप और भाई ने महज 15 मिनट में जला दिया था। मामला 2013 का है, 18 सितंबर 2013 को रोहतक के गरनावठी गांव में शादी करने वाले लड़के और लड़की को मौत के घाट उतार दिया गया था। रोहतक की अदालत ने बुधवार को गरनावठी गांव के बहुचर्चित ऑनर किलिंग केस में लड़की के मां-बाप और भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं तीन आरोपियों को बरी कर दिया। अपनी बेटी पर रहम नहीं करने वाले मां-बाप और भाई कोर्ट से अपने लिए रहम की गुहार लगा रहे थे।

सजा सुनाने से पहले कोर्ट से दोषियों ने कहा कि उनके घर में कोई भी कमाने वाला नहीं है। इसलिए पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सजा में रियायत बरती जाए। यही नहीं दोषियों ने यह दलील भी दी कि उन्होंने पहली बार कोई अपराध किया है। इससे पहले उनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। कोर्ट ने दोषियों की अपील सुनने के बाद सजा सुनाई। सरकारी वकील ने इन बातों की पुष्टि की है।

गौरतलब है कि रोहतक में एक कॉलेज में पढ़ने वाले 22 वर्षीय युवक धर्मेंद्र और 19 साल की निधि में अच्छी दोस्ती थी, जिसके बाद दोनों ने गुपचुप तरीके से शादी कर ली और दोनों दिल्ली भाग गए। परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो दोनों को दिल्ली से पकड़कर ले आए और इसके बाद दोनों की हत्या कर दी। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया था कि युगल के घर से फरार होने के बाद परिजनों ने दोनों को दिल्ली से वापस बुलाने के लिए युवक के दोस्त को मोहरा बनाया था।

लड़की की हत्या के बाद परिजनों ने लाश को श्मशान ले जाकर कैरोसिन डालकर 15 मिनट के भीतर चिता को आग लगा दी थी। एसपी के नेतृत्व में पुलिस ने धधकती चिता से लड़की का शव निकलवाया। बॉडी 60 फीसदी तक जल चुकी थी। वहीं लड़के के शव का धड़ कहीं और मिला तो सिर कहीं और। उसके दोनों हाथ और पैर भी टूटे हुए थे। उसकी छाती में चाकू घोंपने के 20 निशान पाए गए थे। धर्मेंद्र के शव को टुकड़े-टुकड़े करके ट्रैक्टर ट्रॉली में डाला और गांव में जुलूस निकाला।

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