फ्रांस को हरा पुर्तगाल बना यूरो कप चैंपियन

यूरो कप के पेरिस में खेले गए फ़ाइनल में हुए बेहद रोमांचक मुक़ाबले में पु्र्तगाल ने फ़्रांस को 1-0 से हराकर ट्रॉफ़ी अपने नाम कर ली.

ये पुर्तगाल की पहली बड़ी खिताबी जीत है. फ़्रांस तीसरी बार यूरो चैंपियन बनने से चूक गया.

निर्धारित 90 मिनटों में कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी और मुक़ाबला गोल रहित रहा.

फ़्रांस बनाम पुर्तगाल

15 मिनट के पहले अतिरिक्त समय में भी कोई टीम गोल नहीं कर सकी.

लेकिन 15 मिनट के दूसरे अतिरिक्त समय में पुर्तगाल ने गोल दाग कर मैच को रोमांचक पड़ाव पर पहुंचा दिया.

पुर्तगाल के खिलाड़ी एडर ने 110वें मिनट में 25 मीटर की दूरी से कर गोल दाग कर टीम को उत्साह से भर दिया. इस गोल के साथ ही स्टेडियम में बड़ी संख्या में मौजूद फ्रांस के प्रशंसक निराशा में डूब गए वहीं पुर्तगाल के प्रशंसक खुशी से झूम उठे.

खेल की समाप्ति तक फ़्रांस की टीम इस गोल की बराबरी नहीं कर सकी और पुर्तगाल ने मुक़ाबला 1-0 से जीत लिया.

पुर्तगाल के खिलाड़ी एडर
पुर्तगाल के एडर ने 108वें मिनट में चौंकाने वाला गोल दाग पुर्तगाल को बढ़त दिया दी.

पुर्तगाल ने लगभग पूरा मैच अपने स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बिना खेला जो फ्रांस के मिडफ़ील्डर दिमित्री पेयेट से टकराने के बाद मैच से बाहर हो गए थे.

स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर जाते हुए रोनाल्डो की आँखों से आंसू निकल रहे थे.

मैच के दौरान फ्रांस की टीम का प्रदर्शन अच्छा था और मैच के ज़्यादातर समय में वो पुर्तगाल पर हावी नज़र आ रही थी. हालांकि मैच में मिले मौकों को वो गोल में तब्दील नहीं कर पाई.

लेकिन पुर्तगाल के खिलाड़ी एडर ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 110वें मिनट में गोल कर दिया और पुर्तगाल को वो पल दिला दिया जिसका उसे वर्षों से इंतज़ार था.

क्रिस्टियानो रोनाल्डो
घुटने में चोट के बाद पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो को मैच से बाहर होना पड़ा.

ट्रॉफ़ी लेने के बाद पुर्तगाल के खिलाड़ियों ने जमकर जीत का जश्न मनाया. खिलाड़ियों ने ट्रॉफ़ी के साथ मैदान का चक्कर लगाया और प्रशंसकों और दर्शकों का आभार प्रकट किया.

मैच के लिए पेरिस और उसके आसपास क़रीब पांच हजार से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे.

स्टाड डे फ्रांस स्टेडियम, एफिल टॉवर के फैन जोन और शॉज़ एलीजे सड़क के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे.

सुरक्षा के मद्देनज़र अधिकारियों ने विजय परेड आयोजित न करने की भी चेतावनी जारी की थी.

1998 में वर्ल्ड कप मैच के दौरान क़रीब दस लाख से ज़्यादा लोगों ने जश्न मनाया था.

लेकिन पिछले साल एक नवंबर को फ्रांस में हुए चरमपंथी हमले के कारण इस बार एहतियात बरती जा रही है. इस हमले में 130 लोग मारे गए थे.

स्टाड डे फ्रांस पेरिस पर बीते साल हुए इसी चरमपंथी हमले के दौरान निशाने पर था.

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