पंजाब चुनाव की मतगणना 10 मार्च को, जालंधर में 9 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 3 गणना केंद्र…

20 फरवरी को ईवीएम मशीनों में बंद विधानसभा चुनाव में उतरे प्रत्याशियों का भाग्य 10 मार्च को खुलने जा रहा है। जालंधर जिला प्रशासन ने मतगणना के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं और काउंटिंग स्टाफ को भी गणना का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। जिला जालंधर की 9 विधानसभा सीटों के लिए शहर में तीन मतगणना केंद्र बनाए हैं, जहां पर करीब 1170 कर्मचारी और अधिकारी मतों की गणना में अपना कर्तव्य निर्वहन करेंगे।

जिला प्रशासन ने मतगणना के लिए सरकारी मेरिटोरियस स्कूल, सरकारी आर्ट्स और स्पोर्ट्स कॉलेज और दफ़्तर डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड में गिनती केंद्र स्थापित किए हैं। इन्हीं केंद्रों पर जिले के 9 विधानसभा क्षेत्रों के भाग्य का फैसला ईवीएम मशीनों से बाहर आएगा। यहां पर मतगणना की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मतगणना के लिए अलग-अलग काउंटरों के साथ-साथ एजेंटों के बैठने और काउंटिंग देखने के पूरे प्रबंध किए जा रहा हैं।

हर हाल में 7 टेबल होंगे। इन पर सुपरवाइजर, काउंटिंग असिस्टेंट और माईक्रो ऑब्जर्वर तैनात किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव आयोग के आदेशों के अनुसार, काउंटिंग सेंटरों पर उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि या गिनती एजेंटों सहित किसी को भी मोबाइल ले जाने की आज्ञा नहीं होगी। हर राउंड की गिनती पूरी होने के बाद ही अगले दौर की गिनती शुरू होगी और हर राउंड की जानकारी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।

कर्मचारियों को दिया काउंटिंग का प्रशिक्षण

जिलाधीश घनश्याम थोरी ने बताया कि मतगणना के लिए रिहर्सल शुरू हो गई है। मतगणना करने वाले स्टाफ को पूरी तरह से प्रशिक्षित किया जा रहा है। मतगणना केंद्र में पूरी तरह से पारदर्शिता रखी जाएगी। इसके साथ ही कर्मचारियों को मतगणना के दौरान कोरोना महामारी की गाइडलाइन का ध्यान रखने के बारे में भी बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के 9 विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों की मतगणना के लिए करीब 1170 कर्मचारियों और अधिकारियों को लगाया गया है। इनमें 540 गिनती स्टाफ और रिटर्निंग अधिकारियों के साथ सम्बन्धित 630 कर्मी भी शामिल हैं।